दिल्ली में PWD का स्मार्ट मूव, अब कूड़ा व गड्ढा ढूंढने के लिए लेगा AI की मदद; हाई-टेक तरीके से होगी निगरानी
अधिकारियों के अनुसार, इस सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए एक टेंडर जारी किया गया है। इस सॉफ्टवेयर को बनाने में 32 लाख रुपए का खर्च आएगा और इसे पूरा करने की समय सीमा 12 महीने रखी गई है।

राजधानी की सड़कों को सुरक्षित और साफ-सुथरा बनाने के लिए दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक बड़ी योजना तैयार की है। जिसके तहत विभाग अब सड़कों की निगरानी और मरम्मत के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। इसके अंतर्गत सड़कों पर बने गड्ढों, मलबे और कूड़े की समस्या से निपटने के लिए विभाग एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सॉफ्टवेयर विकसित कर रहा है।
इस बारे में जानकारी देते हुए गुरुवार को अधिकारियों ने बताया कि विभाग अब सड़कों के गड्ढों, मलबे और यातायात को प्रभावित करने वाले कचरे का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सॉफ्टवेयर विकसित करने जा रहा है। गुरुवार को अधिकारियों ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी साझा की। इसके तहत विभाग 'इंटेलिजेंट रोड मेंटेनेंस मॉनिटरिंग सिस्टम' बनाने जा रहा है।
क्या है 'इंटेलिजेंट रोड मेंटेनेंस मॉनिटरिंग सिस्टम'
अधिकारियों के अनुसार, इस नए सिस्टम का नाम IRRMS (इंटेलिजेंट रोड मेंटेनेंस मॉनिटरिंग सिस्टम) रखा गया है। यह प्लेटफॉर्म विभिन्न डेटा स्रोतों से सड़क से जुड़ी शिकायतों को प्राप्त करेगा और उनके समाधान के लिए एक एकीकृत विजिबिलिटी प्रदान करेगा।
सभी समस्याएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलने से होगी आसानी
एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया, 'यह प्लेटफॉर्म शिकायतों को एक ही जगह पर देखने और विभाग द्वारा उनके समाधान को आसान बनाएगा। यह सिस्टम सड़कों की सफाई, सुरक्षा या आवाजाही में रुकावट डालने वाले कचरे, मलबे और सड़क किनारे की बाधाओं का पता लगाने में मदद करेगा।'
सॉफ्टवेयर बनाने में आएगा 32 लाख रुपए का खर्चा
अधिकारियों के अनुसार, इस सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए एक टेंडर जारी किया गया है। इस सॉफ्टवेयर को बनाने में 32 लाख रुपए का खर्च आएगा और इसे पूरा करने की समय सीमा 12 महीने रखी गई है। विभाग का कहना है कि इस तकनीक के आने से न केवल सड़कों की मरम्मत की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि मानवीय चूक की संभावना भी कम हो जाएगी।
सड़कों की स्थिति से जुड़े डेटा को भी व्यवस्थित
परियोजना की प्लानिंग के अनुसार, 'इस सिस्टम के तहत हर तीन महीने में सड़कों के निरीक्षण को आसान बनाने में मदद के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन बनाया जाएगा। जो कि सड़कों की स्थिति से जुड़े डेटा को भी व्यवस्थित तरीके से दर्ज करेगा और उसकी समीक्षा करेगा।'
सड़कों की स्थिति को करेगा और बेहतर
यह मोबाइल एप्लिकेशन सड़कों की स्थिति के जियो-टैग किए गए वीडियो बनाने में मदद करेगा। योजना में आगे कहा गया है कि इकट्ठा किए गए डेटा को जगह (लोकेशन) से जोड़ा जाएगा, ताकि सड़कों का सटीक निरीक्षण और रिपोर्टिंग की जा सके। इसमें एैप में जियो-टैग्ड वीडियो कैप्चर करने की सुविधा होगी, जिससे सड़क की खराब स्थिति की सटीक लोकेशन और रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो सकेगी।
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।
इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।
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