अब स्वतंत्र भारद्वाज के लिए दिल्ली में शुरू हुआ प्रदर्शन, दक्ष चौधरी ने क्या कर दी मांग
स्वतंत्र भारद्वाज पर हाल ही में हुए ऐक्शन के खिलाफ हिंदुवादी संगठनों ने दिल्ली में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। दक्ष चौधरी के नेतृत्व में चल रहे इस प्रदर्शन में स्वतंत्र भारद्वाज के ऊपर लगाए गए एससी/एसटी एक्ट और दूसरी धाराओं की हटाने की मांग की गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के दौरान नीशू आजाद नाम की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के पिता के साथ मारपीट के आरोपों में पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वार पर ऐक्शन लिया है। भारद्वाज पर कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। अब स्वतंत्र के खिलाफ पुलिस के ऐक्शन के विरोध में भी प्रदर्शन शुरू हो गया है। दिल्ली में चल रहे इस प्रदर्शन को दक्ष चौधरी ने अपने समर्थकों के साथ शुरू किया है। ये सभी प्रदर्शनकारी स्वतंत्र के ऊपर लगे केस हटाने की मांग कर रहे हैं।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांगें
दिल्ली में हिंदूवादी संगठन द्वारा किये जा रहे प्रदर्शन में दावा किया जा रहा है कि स्वतंत्र भारद्वाज के ऊपर जो केस लगाए गए हैं, वो दबाव में लगाए गए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, 307 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला नहीं दर्ज किया जाना चाहिए था, क्योंकि पुलिस की जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला था।
क्या था पूरा मामला
23 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नीशू आजाद के पिता पर स्वतंत्र भारद्वाज ने हमला किया था। इस मामले में पुलिस ने देर शाम को एफआईआर दर्ज कर ली थी। हालांकि, नीशू ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने आरोपी पर ऐक्शन नहीं लिया है। यह मामला तब गरमा गया, जब बीते दिनों एक पॉडकास्ट पर स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उसने नीशू के पिता को मारा था, फिर भी उसके ऊपर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष के कई नेता नीशू के समर्थन में खड़े हो गए और स्वतंत्र भारद्वाज पर नए सिरे से केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग करने लगे। अब पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज पर एससी/एसटी एक्ट के साथ ही कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इसी के विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने प्रदर्शन शुरू किया है।
क्या बोला था स्वतंत्र भारद्वाज
एक पॉडकास्ट पर स्वतंत्र भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर हुई मारपीट को लेकर कई चीजें स्वीकार कीं। इस दौरान भारद्वाज ने बताया कि उसने नीशू के पिता पर हमला किया था और उसे खून से लथपथ कर दिया था। भारद्वाज का कहना था कि इतना सब करने के बाद भी उसके साथ कुछ नहीं हुआ क्योंकि उसका कई नेताओं के साथ संबंध है। इस दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने चिराग पासवान और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा का नाम भी लिया था। भारद्वाज ने इन दोनों नेताओं को अपना बड़ा भाई बताया था।


