UGC नियमों पर हल्ला बोल की तैयारी; करणी सेना HC पहुंची, दिल्ली पुलिस क्या आदेश?
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में 20 सितंबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रोटेस्ट की मांग को लेकर करणी सेना ने अब दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने इस पर क्या फैसला दिया है? इस रिपोर्ट में जानें…

हेमलता कौशिक, नई दिल्ली
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को कहा कि वह करणी सेना के 20 सितंबर को जंतर मंतर पर होने वाल शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर विचार कर फैसला सुनाए। इस याचिका में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के हाल में अधिसूचित उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले नियमों के खिलाफ 20 सितंबर को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई है।
नया आवेदन देने के आदेश
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत को संशोधित तारीख के साथ दिल्ली पुलिस के समक्ष नया आवेदन दाखिल करने को कहा है। उनके वकील ने पीठ को बताया कि प्रदर्शन अब 20 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित है।
एक हफ्ते के भीतर फैसला करे दिल्ली पुलिस
अदालत ने निर्देश दिया कि नया आवेदन सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखा जाए। इस आवेदन पर 14 सितंबर तक यानि एक हफ्ते के भीतर फैसला किया जाए। पीठ ने कहा कि पुलिस नियमों के अनुसार आवेदन पर निर्णय ले और कानून के तहत उचित शर्तें लगा सकती है।
शांतिपूर्ण तरीके से रखेंगे शिकायतें
शेखावत ने कहा कि प्रस्तावित प्रदर्शन का उद्देश्य आरक्षण नीतियों एवं यूजीसी के नए ढांचे से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार और शिकायतें शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखना है। प्रदर्शन के जरिए 2026 के यजीसी इक्विटी नियमों को वापस लेने की मांग की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें नए नियमों को फिलहाल लागू करने से रोक दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने नियमों के कुछ प्रावधानों में अस्पष्टता और उनके दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया।
उठ रहे बड़े कानूनी सवाल
शेखावत का कहना है कि उनकी आपत्ति भी वही है, जिसे हाई कोर्ट ने अपने आदेश में रेखांकित किया। उनके अनुसार मामले में महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उठते हैं, जिनकी सुनवाई तीन जजों की पीठ द्वारा किए जाने की जरूरत बताई गई।
अनुमति देने से कर दिया था इनकार
शेखावत ने दिल्ली पुलिस की तरफ से 28 अगस्त को जारी उस संचार को भी चुनौती दी, जिसमें प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया गया था। वैकल्पिक रूप से उन्होंने पुलिस से अपने आवेदन पर दोबारा विचार कर 24 घंटे के भीतर कारणयुक्त नया आदेश जारी करने की मांग की।
पुलिस को देना होना नया आवेदन
अदालत ने सोमवार को कहा कि याचिका में की गई तीन मांगें अब निष्प्रभावी हो चुकी हैं। इसके बाद पीठ ने प्रदर्शन की संशोधित तारीख के साथ दिल्ली पुलिस के समक्ष नया आवेदन दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले का निस्तारण किया।


