गुरुग्राम में 30 लाख से ऊपर की रजिस्ट्रियों की होगी जांच, क्या वजह
गुरुग्राम में पिछले साल 30 साल से ऊपर की हुई रजिस्ट्री की जांच की जाएगी। इन रजिस्ट्रियों में टैक्स चोरी की आशंका जताई जा रही है।

गुरुग्राम तहसील में पिछले साल में हुई रजिस्ट्रियों की जांच होगी। यह जांच 30 लाख से ऊपर की हुई रजिस्ट्री में टैक्स चोरी की आशंका को लेकर की जाएगी। गुरुग्राम तहसीलदार खुद जांच करेंगे। इसमें कितने रजिस्ट्री में पैन कार्ड सही लगाए गए हैं और कितने में गलत इसकी जांच की जाएगी। पैन कार्ड की जांच के बाद रिपोर्ट आयकर विभाग को भेजी जाएगी।
गुरुग्राम तहसील में साल 2020 से साल 2025 तक हुईं रजिस्ट्री में मोटी रकम देकर जमीन खरीदी गई थी। इस प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त करने वालों की ओर से पैन नंबर का जिक्र नहीं किया गया था। इसमें से बहुत खरीदार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी रिटर्न में इस पॉपर्टी का जिक्र नहीं किया था। जबकि पहले की रजिस्ट्री के फॉरमेट में पैन नंबर की जगह होती है। इसके बाद भी राजस्व विभाग की ओर से इसे भरने में लापरवाही की गई थी।
इसको लेकर आयकर विभाग की ओर से पिछले महीने गुरुग्राम तहसील में छापा मारकर साल 2020 से 2025 तक रजिस्ट्री रिकॉर्ड खंगाले गए थे। इसमें 25 हजार से ज्यादा रजिस्ट्री में 39 हजार करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन हुआ था। राजस्व विभाग की ओर से इनका पैन नंबर नहीं दर्ज किया गया थ। जिससे आयकर विभाग को करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी होने की आशंका जताई थी। आयकर विभाग की टीम ने राजस्व विभाग से रजिस्ट्रियों के पैन कार्ड की जानकारी मांगी है। इसी तरह वजीराबाद तहसील और मानेसर तहसील में पैन नंबर दर्ज नहीं करने का मामला उजागर हो चुका है।
पैन कार्ड नहीं लगे थे
जिला उपायुक्त ने इससे पहले भी मानेसर तहसील में हुई रजिस्ट्रियों की जांच करवाई थी। जांच के बाद वहां भी कई गड़बडियां सामने आई थी। तहसील में 912 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री में पैन कार्ड नहीं लगाए गए थे। पिछले पांच साल में मानेसर तहसील में करीब 2800 करोड़ रुपये की जमीन की रजिस्ट्री हुई थी।
करोड़ों के सौदे रडार पर
आयकर विभाग द्वारा पिछले पांच सालों के रजिस्ट्री रिकॉर्ड खंगाले गए थे। इसमें 800 करोड़ के संपत्ति सौदे रडार पर हैं। पैन कार्ड में हेराफेरी व कर चोरी के संदेह में 300 करोड़ से ज्यादा के संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए थे। नियमों के विरुद्ध कृषि भूमि को शहरी-आवासीय दिखाकर की गई रजिस्ट्रियों के मामले में अधिकारियों पर आरोप लगे थे।
जगदीश, तहसीलदार गुरुग्राम, साल 2020 से 2025 तक तहसील में 30 लाख रुपये से ऊपर की हुई रजिस्ट्री के पैन कार्ड की जांच हो रही है। जांच में कुछ रजिस्ट्री में पैन कार्ड सही पाए गए है। रजिस्ट्रियों में क्रेता और विक्रेता के पैन कार्ड का मिलान किया जा रहा है।


