काम की बात: गाजियाबाद में 4 और आदर्श सड़कें बनाने की तैयारी, 120 करोड़ रुपए खर्च करेगा नगर निगम
गाजियाबाद में यातायात व्यवस्था सुधारने और सुरक्षित सफर के लिए चार और सड़कों को आदर्श सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 120 करोड़ रुपये की लागत से इन सड़कों को नए सिरे से बनाया जाएगा।

गाजियाबाद में यातायात व्यवस्था सुधारने और सुरक्षित सफर के लिए चार और सड़कों को आदर्श सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 120 करोड़ रुपये की लागत से इन सड़कों को नए सिरे से बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री हरित सड़क आधारभूत संरचना विकास (शहरी) योजना के तहत शहर की प्रमुख सड़कों को इस तरह से विकसित किया जा रहा है, जहां वाहन चालकों के साथ राहगीरों के लिए भी सफर सुगम और सुरक्षित हो। यातायात व्यवस्था बेहतर हो और अलग-अलग तरह की सुविधाओं के नाम पर सड़क को बार-बार खोदने की जरूरत न पड़े।
पहले चरण में पहली आदर्श सड़क नागद्वार से राजनगर एक्सटेंशन रोटरी गोल चक्कर के बीच तैयार हो चुकी है। मोहन नगर से हिंडन एयरफोर्स स्टेशन गोल चक्कर का काम लगभग पूरा होने वाला है। दूसरे चरण में करीब 308 करोड़ से छह सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है।
तीसरे चरण में नगर निगम ने चार और सड़कों का चयन आदर्श सड़क बनाने के लिए किया है। नगर निगम के मुताबिक इनकी लागत 120 करोड़ रुपये है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चारों सड़कों की लंबाई करीब 11 किलोमीटर है।
जल निकासी की व्यवस्था होगी
चारों सड़कों के आदर्श रूप में विकसित होने के बाद यहां न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि सड़क से गुजरने वाले लोगों को अब तक होने वाली समस्याओं से भी निजात मिलेगी। इन सभी सड़कों पर फुटपाथ, जल निकासी व्यवस्था, हरित पट्टी, प्रकाश व्यवस्था और संकेतक लगाए जाएंगे। वाहन चालक फुटपाथ पर नहीं जा सकेंगे। सीवर, विद्युत, पेयजल, फोन व इंटरनेट की लाइनें भूमिगत होंगीं।
इन सड़कों पर काम होगा
इंदिरापुरम क्षेत्र में बालाजी मंदिर से कैप्टन मनोज पांडे मार्ग होते हुए सुचेता कृपलानी मार्ग तक करीब 3.2 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। यहां यातायात का दबाव हमेशा अधिक रहता है। वैशाली में मदन मोहन मालवीय मार्ग से नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल होते हुए आशीर्वाद ग्रीन्स तक करीब 2.8 किलोमीटर लंबा मार्ग भी शामिल है। इससे अंदरुनी सड़कों पर दबाव कम होगा।
कौशांबी में वेव मॉल से ईडीएम मॉल को जोड़ने वाला करीब 1.6 किलोमीटर लंबा मार्ग भी आदर्श बनेगा। इसके साथ ही विजयनगर में एनएच 9 से थाना रोड होते हुए गौशाला रोड तक करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क का भी आदर्श बनाया जाएगा।
120 करोड़ की लागत आएगी
नगर निगम निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने कहा कि तीसरे चरण में चार सड़कों का चयन किया गया है। इन्हें आदर्श रूप में विकसित करने में 120 करोड़ की लागत आएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


