नोएडा एयरपोर्ट तक हाईस्पीड ट्रेन चलाने की तैयारी, सिर्फ 21 मिनट में तय होगी दिल्ली से 70 KM की दूरी

Subodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान/ग्रेटर नोएडा
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली से वाराणसी तक चलने वाली हाईस्पीड ट्रेन से जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंगलवार को नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की टीम यीडा पहुंची। परियोजना के एलाइनमेंट समेत एयरपोर्ट के आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा की गई।

नोएडा एयरपोर्ट तक हाईस्पीड ट्रेन चलाने की तैयारी, सिर्फ 21 मिनट में तय होगी दिल्ली से 70 KM की दूरी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली से वाराणसी तक चलने वाली हाईस्पीड ट्रेन से जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंगलवार को नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की टीम यीडा पहुंची। यहां घंटों तक परियोजना के एलाइनमेंट समेत एयरपोर्ट के आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा की गई, ताकि हाईस्पीड ट्रेन के स्टेशन एलाइनमेंट के अनुसार डीपीआर में शामिल किया जा सके।

गौतमबुद्ध नगर में दो स्टेशन प्रस्तावित

एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि दिल्ली से वाराणसी तक चलने वाली हाईस्पीड ट्रेन के लिए गौतमबुद्ध नगर में दो स्टेशन प्रस्तावित है। पहला स्टेशन नोएडा के सेक्टर-148 में होगा। इसके बाद दूसरा स्टेशन सीधे जेवर में बन रहे नोएडा एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (जीटीसी) में भूमिगत बनेगा। विगत माह फरवरी में केंद्रीय बजट में इस रूट पर मुहर लग चुकी है।

एलाइनमेंट पर चर्चा

मंगलवार को नेशनल हाईस्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड के प्रिंसिपल चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता टीम के साथ यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) पहुंचे थे। यहां उन्होंने बैठक में परियोजना के एलाइनमेंट पर चर्चा की। साथ ही एयरपोर्ट के आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में जानकारी ली।

भूमिगत स्टेशन को डीपीआर में शामिल करने की कवायद

यीडा के सीईओ आरके सिंह ने कहा कि हाईस्पीड ट्रेन परियोजना को लेकर नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की टीम के साथ बैठक हुई थी। बैठक का मुख्य उद्देश्य टीम को एयरपोर्ट के आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर से अवगत कराना था, ताकि बिना किसी परियोजना को प्रभावित करे हाईस्पीड ट्रेन के एयरपोर्ट पर बनने वाले भूमिगत स्टेशन को डीपीआर में शामिल किया जा सके।

हाईस्पीड ट्रेन से जुड़ने वाला पहला एयरपोर्ट होगा

नोएडा एयरपोर्ट हाईस्पीड ट्रेन से सीधे जुड़ने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा। एयरपोर्ट को मेट्रो, नमो भारत के साथ ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना-गंगा एक्सप्रेसवे, एनएच-34, 91 और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे समेत अन्य मार्गों और हाइवे से कनेक्ट करने का काम किया जा रहा है। कुछ काम पूरे भी हो चुके हैं। यहां तक कि गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट तक चलने वाली नमो भारत और मेट्रो के स्टेशन भी तय हो चुके हैं।

दिल्ली से 21 मिनट में पहुंचेंगे एयरपोर्ट

दावा है कि हाईस्पीड ट्रेन परियोजना से दिल्ली के सराय काले खां से नोएडा एयरपोर्ट का 70 किलोमीटर का सफर मात्र 21 मिनट में पूरा हो सकेगा। रेलवे ट्रैक नोएडा व ग्रेनो एक्सप्रेसवे के ऊपर से बीचोंबीच यानी सड़क के दोनों लेन के बीच के हिस्से पर एलिवेटेड बनेगा। इसी तरह यमुना एक्सप्रेसवे से होता हुआ एयरपोर्ट के जीटीसी तक जाएगा। हाईस्पीड ट्रेन चलने पर दुनियाभर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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