अरविंद केजरीवाल ने अपने ही नेता को फंसवाया, गद्दार कह निकाला; पूर्व AAP नेता का बड़ा दावा

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने बड़ा आरोप लगाया है। आप के संस्थापक सदस्य रहे भूषण ने कहा कि केजरीवाल ने खुद अपने नेता को फंसवाया था।

AAP national convener Arvind Kejriwal

अन्ना हजारे को चेहरा बनाकर दिल्ली में हुए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद आम आदमी पार्टी (आप) की स्थापना में जिन लोगों ने सबसे अधिक भूमिका निभाई, उनमें प्रशांत भूषण का भी अहम योगदान था। हालांकि, वह इस पार्टी का हिस्सा बहुत लंबे समय तक नहीं रह सके। 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ मतभेदों की वजह से उन्हें और योगेंद्र यादव जैसे बुद्धिजीवियों को रास्ता अलग करना पड़ा था। प्रशातं भूषण ने एक ताजा पॉडकास्ट में बताया है कि क्यों और किस तरह उनका 'आप' से मोहभंग हो गया था। वरिष्ठ वकील ने यह भी दावा किया कि अरविंद केजरीवाल ने अपने ही नेता को 'भाजपा से मिला हुआ' साबित कराने के लिए अपने ही आदमियों से मैसेज करा दिया था और फिर उसे बाहर निकाल दिया। भूषण के आरोपों पर फिलहाल आम आदमी पार्टी की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रशांत भूषण ने आम आदमी पार्टी से जुड़े एक सवाल के जवाब में अरविंद केजरीवाल की बुद्धि और संगठन कौशल की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'वह बहुत बुद्धिमान थे। जिन्हें इस बात की अच्छी समझ थी कि क्या चीज जनता को प्रभावित करेगी और क्या नहीं। वह बहुत अच्छे संगठनकर्ता थे और इन चीजों ने मुझे प्रभावित किया। इसलिए मैं उनके साथ जुड़ा और उनका भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन और पार्टी के गठन में साथ दिया।' भूषण ने इसके बाद याद किया कि किस सोच के साथ इस पार्टी का गठन किया गया था और कैसे इसमें बदलाव के बाद उन्हें इरादा बदलना पड़ा।

दूसरे चुनाव में टिकट बंटवारे से दिक्कत

वरिष्ठ वकील ने कहा, 'हम लोगों ने जब पार्टी बनाने का फैसला लिया तो यह सोचकर कि यह वैकल्पिक पार्टी होगी। यह लोकतांत्रिक, जवाबदेह, पारदर्शी, जवाबदेह होगी और हम एक्सपर्ट से पूछकर पॉलिसी बनाएंगे। पार्टी बन गई पहला चुनाव हो गया। लेकिन दूसरे चुनाव में उसने जिस तरह के लोगों को टिकट देना शुरू किया। मैंने देखा कि कई सारे प्रॉपर्टी डीलर को जो हमारे सिद्धांतों से नहीं जुड़े थे उन्हें भी टिकट दिया। मैंने सवाल उठाया कि ऐसे लोगों को क्यों टिकट दिया जा रहा है जिन्होंने हमारे वॉलेंटियर्स को पीटा था।' आगे उन्होंने यह भी कहा कि उनका मुख्य झगड़ा आप के दूसरे दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की सूची को लेकर था। उन्होंने इस पर सवाल उठाया था और 1-2 को छोड़कर अन्य के लिए प्रचार भी नहीं किया।

पॉलिसी कमिटी की रिपोर्ट बनवाई फिर कहा कूड़े में फेंक दो- भूषण

प्रशांत भूषण ने आम आदमी पार्टी की नीतियों से भटकाव को लेकर दो उदाहरण दिए। उन्होंने कहा, 'हमने 34 पॉलिसी कमेटियां बनाईं। यह तय किया था कि 4-5 एक्सपर्ट उन विषयों पर अपनी रिपोर्ट दी। हम लोगों को वर्किंग कमिटी में इस पर विचार लेना था कि पॉलिसी क्या हो। लेकिन जब वह स्टेज आई तो केजरीवाल ने कहा कि इनकी क्या जरूरत है। कूड़े में फेंक दो। क्योंकि हम लोगों को पॉलिसी पोजिशन की जरूरत नहीं है, जब कोई मसला आएगा तो देखेंगे कि उस समय राजनीतिक रूप से क्या फायदेमंद है।

अपने नेता को खुद फंसवाया: प्रशांत भूषण

प्रशांत भूषण ने अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक नेता को गद्दार साबित करने के लिए अपने ही आदमी से मैसेज करवाया और उसे हटा दिया था। भूषण ने कहा, 'एक 'आवाम' करके संगठन बना, आम आदमी पार्टी वॉलंटियर्स ऐक्शन मंच, यह वॉलंटियर्स का एक संगठन था। अरविंद को लगा कि यह तो वॉलंटियर्स की बगावत है। अरविंद ने एक बड़ा घटिया तरीके की साजिश की। उसके नेता को बदनाम करने के लिए उसके नाम से एक मैसेज चलवा दिया कि सब लोगों को भाजपा जॉइन कर लेनी चाहिए। उसको यूज करके उसने बोला कि यह गद्दार हो गया, पार्टी से निकाल दो और उसे सस्पेंड कर दिया। मैं अनुशासन समिति का चेयरमैन था इसलिए (सस्पेंड हुआ नेता) मेरे पास आया और बोला कि मैंने नहीं किया। मैंने अरविंद से कहा कि जांच करा लो वह कह रहा है कि उसने ऐसा नहीं किया। तो केजरीवाल ने कहा कि हम क्यों जांच करवा लें। तब मैंने उससे कहा कि तुम (निकाले गए नेता) ही करवा लो, हम मदद कर देते हैं। हमने एक पुलिस अधिकारी से संपर्क किया और कहा कि जांच करवा दो। जांच में पता चला कि अरविंद के आदमी ने ही मैसेज करवाया था।' भूषण ने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी में पारदर्शिता खत्म कर दी, अकाउंट्स जो ऑनलाइन थे उसे हटवा दिया, आंतरिक लोकपाल को हटा दिया। जिन सिद्धांतों पर पार्टी बनी थी उन्हें खत्म कर दिया और यह पार्टी एक बी ग्रेड राजनीतिक पार्टी बन गई।

Sudhir Jha

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सुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)


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