
तब मुझे लगा केजरीवाल ठीक आदमी नहीं, प्रशांत भूषण को याद आया वह 'झटका'
चर्चित वकील और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रशांत भूषण ने करीब डेढ़ दशक बाद कहा है कि उन्हें इस बात का पछतावा है कि आंदोलन का फायदा उठाकर भाजपा केंद्र की सत्ता में आ गई और वैकल्पिक राजनीति देने उपजी आम आदमी पार्टी (आप) भी दूसरे दलों जैसी ही बन गई।
मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए-2 सरकार के दौरान हुए अन्ना आंदोलन को लेकर करीब डेढ़ दशक बाद इसके एक प्रमुख चेहरे को इसमें शामिल होने पर पछतावा हो रहा है। चर्चित वकील और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रशांत भूषण ने करीब डेढ़ दशक बाद कहा है कि इसका फायदा उठाकर भाजपा केंद्र की सत्ता में आ गई और वैकल्पिक राजनीति देने उपजी आम आदमी पार्टी (आप) भी दूसरे दलों जैसी ही बन गई। भूषण ने यह भी याद किया कि कैसे अरविंद केजरीवाल के एक कदम से उन्हें बड़ा झटका लगा था और उन्हें अहसास हुआ था कि वह 'ठीक आदमी नहीं हैं।'
दरअसल, 26 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहली पुण्यतिथि पर प्रशांत भूषण ने एक्स पर जो कुछ लिखा उसकी बहुत चर्चा हो रही है। वरिष्ठ वकील ने मनमोहन सिंह की तारीफ करते हुए पछतावा जाहिर किया कि वह एक ऐसे आंदोलन का हिस्सा रहे जिसने उन्हें बदनाम किया और 'धूर्त शासन' को सत्ता में पहुंचने में मदद की। हालांकि, बाद में भूषण ने यह भी जोड़ा कि यूपीए-2 सरकार के दौरान बहुत भ्रष्टाचार हुआ। अब 'द वायर' को दिए इंटरव्यू में 'आप' के संस्थापकों में शामिल रहे भूषण ने अन्ना आंदोलन, इसमें शामिल लोगों और परिणाम को लेकर कई बड़ी बातें कहीं।
क्यों हो रहा है अन्ना आंदोलन का पछतावा?
प्रशांत भूषण से इंटरव्यू में जब पूछा गया कि उन्हें क्यों अब पछतावा हो रहा है तो उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'मुख्य पछतावा इस बात का है कि हमारे आंदोलन का सहारा लेकर भाजपा ने ना सिर्फ कांग्रेस को गिराया बल्कि सत्ता में आ गई। यह वह भाजपा नहीं जो अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा थी, बल्कि यह मोदी शाह की भाजपा है, जिसने हमारे देश, संविधान, सभ्यता, मौलिक अधिकारों को इतना नुकसान पहुंचाया, भ्रष्टाचार तो और बढ़ गया। हमारा भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन था। उस समय यह आंदोलन था जब यूपीए सरकार में सचमुच बहुत भ्रष्टाचार था। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि उस आंदोलन को सपोर्ट करके भाजपा और उसके ईर्द-गिर्द रहने वाले लोगों ने उसे सत्ता में आने में मदद की।' प्रशांत भूषण ने मनमोहन सिंह पर किए गए हमलों को लेकर भी अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि हो सकता है कि उनकी गठबंधन की मजबूरियां रहीं हों और उन्हें अहसास ना हुआ हो कि कितना भ्रष्टाचार हो गया।
'दिखने लगी थी केजरीवाल और कुमार विश्वास की राइट विंग आइडियोलॉजी'
आंदोलन को आरएसएस के समर्थन से जुड़े एक सवाल के जवाब में प्रशांत भूषण ने स्वामी रामदेव और श्री श्री रविशंकर पर भाजपा की मदद का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें अहसास नहीं था कि इनका भाजपा के कहने पर ये आंदोलन का समर्थन करने आए थे। उन्होंने कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल को भी राइट विंग ऑइडियोलॉजी (दक्षिण पंथी विचारधारा) समर्थक बताया। उन्होंने कहा, 'कुमार विश्वास को लेकर आइडिया नहीं था कि वह भाजपा के ऐसे समर्थक हैं, कभी-कभी ऐसा लगता था कि वह राइट विंग आइडियोलॉजी के हैं। बाद में अरविंद केजरीवाल की भी राइट विंग ऑइडियोलॉजी दिखने लगी थी।'
तब लगा केजरीवाल ठीक आदमी नहीं- क्या बोले प्रशांत भूषण
भ्रशांत भूषण ने केजरीवाल पर आंदोलन को धोखा देने के आरोप लगाते हुए कहा कि एक वैकल्पिक राजनीति के लिए वह आम आदमी पार्टी में गए थे पर ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, 'मेरा और योगेंद्र यादव का तो कम से कम और बहुत सारे लोगों का जो इंडिया अंगेस्ट करप्शन से आम आदमी पार्टी में आए थे उनका मानना था कि हमें भारत में एक ऐसे राजनीतिक दल की जरूरत है जो वैकल्पिक राजनीति करे। जो एक बिल्कुल ईमानदार, पारदर्शी... हम लोगों ने 32 पॉलिसी कमिटी बनाई। उन्होंने अपनी रिपोर्ट दी। हम लोगों को यह करना था कि जो हमारी नेशनल वर्किंग कमिटी थी उसमें हम तय करें कि हमारी क्या पॉलिसी होंगी जो अच्छे-अच्छे एक्सपर्ट्स ने बनाकर दी थी। लेकिन अरविंद केजरीवाल ने यह कह दिया कि हमें कोई पॉलिसी-वॉलिसी की जरूरत नहीं है, जब कोई मुद्दा उठेगा तो हम उस समय राजनीतिक रूप से सुविधाजनक स्टैंड लेंगे। उस समय से मुझे अहसास हो गया था कि यह अरविंद केजरीवाल ठीक आदमी नहीं है और यह पार्टी को उस दिशा में नहीं ले जाएगा।' आप या अरविंद केजरीवाल की तरफ से इन आरोपों पर कोई जवाब नहीं आया है।





