दिल्ली में हुमायूं के मकबरे के पास बड़ा हादसा, दरगाह में छत गिरने से 6 लोगों की मौत, 4 जख्मी

Aug 15, 2025 05:27 pm IST
Sourabh Jain पीटीआई, नई दिल्ली
दिल्ली में हुमायूं के मकबरे के पास बड़ा हादसा, दरगाह में छत गिरने से 6 लोगों की मौत, 4 जख्मी
संक्षेप:

अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और इस घटना में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घटना 16वीं सदी के इस स्मारक के मुख्य गुंबद पर नहीं, बल्कि परिसर के भीतर एक छोटे से कमरे में हुई है।

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में हुमायूं के मकबरे के पास स्थित दरगाह की छत का एक हिस्सा शुक्रवार शाम को ढह गया। इस हादसे में तीन महिलाओं समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हैं। दिल्ली फायर सर्विस के एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना शाम करीब 4.30 बजे हुई, और सूचना मिलने के बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। मलबे से 10 से ज्यादा लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। घटनास्थल पर राहत व बचाव कार्य पूरा हो चुका है।

यह हादसा निजामुद्दीन इलाके में हुमायूं के मकबरे के पीछे स्थित दरगाह शरीफ पट्टे शाह में हुआ। जहां दरगाह परिसर में बने एक कमरे की छत का हिस्सा भरभराकर गिर गया।

मृतकों में दो महिलाएं एक ही परिवार की

मृतकों में से तीन पुरुषों की पहचान स्वरूप चंद (79), मोइनुद्दीन (35) और मोहम्मद आरिफ (35) के रूप में हुई है। जबकि हादसे में मृत तीन महिलाओं की पहचान मीना अरोड़ा (56 वर्ष), मोनुष्का अरोड़ा (24 वर्ष) और अनिता सैनी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। इनमें से मीना और मोनुष्का दोनों एक ही परिवार की थीं। स्वरूप चंद की पत्नी और आरिफ का 4 साल का बच्चा घायल है।

बारिश से बचने कमरे में गए थे लोग

दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय कुमार जैन ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि, 'हादसे के बाद नौ लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर और एक को LNJP अस्पताल भेजा गया है। अभी तक की जानकारी के अनुसार इस घटना में एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजे गए पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि LNJP अस्पताल में भेजे गए एक अन्य शख्स की भी मौत हो गई।' उन्होंने कहा कि ‘यहां पर बचाव कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि जहां पर यह हादसा हुआ, उस इमारत की हालत बहुत खराब है और इसकी एक दीवार अभी भी गिरने की कगार पर है।’

हादसे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि 'जो लोग यहां मस्जिद और दरगाह में आए थे, उन्होंने बारिश के कारण अंदर शरण ली थी। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया।' हादसे के बाद आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने बचाव कार्य की जानकारी ली।

डिविजनल फायर ऑफिसर मुकेश शर्मा ने बताया, 'हमें दोपहर 3:51 बजे दिल्ली फायर सर्विसेज कंट्रोल रूम में सूचना मिली थी कि हुमायूं के मकबरे से सटी एक इमारत ढह गई है। तुरंत, हमारे चार वाहन, जिनमें 25 दमकलकर्मी थे, मौके पर पहुंचे। कुल 10 लोगों को बचाया गया। उनमें से नौ को ट्रॉमा सेंटर और एक को आरएमएल अस्पताल भेजा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तीन महिलाएं और दो पुरुषों की मौत की खबर है। बचाव अभियान अभी-अभी समाप्त हुआ है।'

प्राप्त जानकारी के अनुसार शाम को हादसे की सूचना मिलने पर SHO और स्थानीय कर्मचारी पांच मिनट के अंदर मौके पर पहुंचे और उन्होंने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। कुछ ही देर में अग्निशमन कर्मी और CATS एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंच गई। बाद में NDRF की टीम भी बचाव कार्य में शामिल हो गई। कुल 10 से 12 पीड़ितों को मलबे से बचाया गया और उन्हें विभिन्न अस्पतालों (एम्स ट्रॉमा और LNJP समेत कुछ अन्य) में भेजा गया है।

इस घटना के चश्मदीद विशाल कुमार ने कहा, ‘मैं हुमायूं के मकबरे पर काम करता हूं। जब हमने शोर सुना, तो मेरा सुपरवाइजर दौड़कर आया। हमने लोगों और प्रशासन को सूचना देकर बुलाया और धीरे-धीरे फंसे हुए लोगों को हमने बाहर निकाला।’

हुमायूं के मकबरे के पीछे जीर्णोद्धार का काम कर रही संस्था, आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर (AKTC) के संरक्षण वास्तुकार रतीश नंदा ने कहा, 'हुमायूं के मकबरे को कोई नुकसान नहीं हुआ है। हुमायूं के मकबरे के पास एक नया निर्माण कार्य चल रहा था, उसका एक हिस्सा ढह गया है और उसका कुछ हिस्सा हुमायूं के मकबरे की दीवारों पर भी गिरा है।'

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह घटना 16वीं सदी के इस स्मारक के मुख्य गुंबद पर नहीं, बल्कि परिसर के भीतर एक छोटे से कमरे में हुई है।

बता दें कि हुमायूं का मकबरा 16वीं शताब्दी का स्मारक है, जिसके मध्य का एक मकबरा है जहां पर्यटक घूमने जाते हैं। (एएनआई इनपुट के साथ)

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।

और पढ़ें
अगला लेख