गुरुग्राम-फरीदाबाद में बढ़ेगा पुलिस का इमरजैंसी रिस्पांस, ERV बाइक और गाड़ियां मिलीं
इन गाड़ियों में 310 मोटरसाइकिल और 2 होंडा एलिवेट गाड़ियां शामिल हैं, जिन्हें होंडा इंडिया फाऊंडेशन ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) के तहत करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से उपलब्ध कराया है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को गुरुग्राम के लेजर वैली पार्क में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा पुलिस के लिए 312 इमरजैंसी रिस्पांस व्हीकल्स (ई.आर.वी.) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन गाड़ियों में 310 मोटरसाइकिल और 2 होंडा एलिवेट गाड़ियां शामिल हैं, जिन्हें होंडा इंडिया फाऊंडेशन ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) के तहत करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से उपलब्ध कराया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश में जन सुरक्षा को और मजबूत बनाने के साथ-साथ इमरजेंसी में लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। नई ई.आर.वी. केजरिए पुलिस की पहुंच बढ़ेगी और संकट की स्थिति में लोगों को पहले से अधिक तेजी से सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि तकनीक और संसाधनों से सुसज्जित पुलिस व्यवस्था ही नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करती है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि देश में पुलिस का औसत रिस्पांस टाइम लगभग 18 मिनट है, जबकि हरियाणा पुलिस ने इसे घटाकर मात्र 7 मिनट 3 सैकेंड तक पहुंचा दिया है। यह उपलब्धि पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता, बेहतर प्रबंधन और आधुनिक कार्यप्रणाली का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जनता को समय पर सहायता उपलब्ध कराना ही सुशासन का वास्तविक स्वरूप है।
गुरुग्राम को 60, फरीदाबाद को 40 बाइक्स मिलीं
उन्होंने बताया कि गुरुग्राम को 60 मोटरसाइकिलें और एक होंडा एलिवेट गाड़ी, फरीदाबाद को 40 मोटरसाइकिलें और एक होंडा एलिवेट गाड़ी उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य जिलों को 210 मोटरसाइकिलें दी गई हैं। इन वाहनों को विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सहायता कम से कम समय में उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी भी सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से जनहित के कार्यों को नई गति मिलती है और यह पहल भी उसी सोच का उदाहरण है।
पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता मजबूती होगी : डीजीपी
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि नई ई.आर.वी. के शामिल होने से हरियाणा पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि ये वाहन किसी भी सूचना पर तेजी से घटनास्थल तक पहुंचने में सक्षम होंगे, जिससे लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना और अधिक आसान होगा। वहीं, पुलिस आयुक्त शिवास कविराज ने कहा कि आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित ये वाहन पुलिसिंग को और प्रभावी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि मोटरसाइकिल आधारित ई.आर.वी. भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संकरी गलियों में तेजी से पहुंचकर आपात स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी तथा नागरिकों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने में सहायक साबित होंगी।
रिपोर्ट: मोनी देवी
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।
विस्तृत बायो
डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।
अदिति के करियर का एक बड़ा हिस्सा TV9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन और इंडिया टुडे जैसे देश के प्रतिष्ठित न्यूज रूम्स के साथ बीता है। इस दौरान उन्होंने न केवल पॉलिटिक्स, क्राइम और स्टेट न्यूज जैसी 'हार्ड-कोर' खबरों को कवर किया, बल्कि फीचर राइटिंग, ओपिनियन आर्टिकल्स और रिसर्च-आधारित गहन लेखन के जरिए खबरों की तह तक जाने का सफल प्रयास किया है।
उनके लिए पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि मल्टीमीडिया का एक संपूर्ण अनुभव है। एंकरिंग से लेकर वीडियो प्रोडक्शन और 'कैलेंडर जर्नलिज्म' से लेकर 'फैक्ट चेक' तक, उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता के हर अनिवार्य पहलू को जिया है। सोशल मीडिया की नब्ज पहचानना और कंटेंट को लाखों लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी पेशेवर ताकत है।
तथ्यों के प्रति उनकी ईमानदारी और 'मीडिया लॉ एंड एथिक्स' के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाना ही उनकी पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। वे नई तकनीक और पत्रकारिता के पुराने मूल्यों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने में विश्वास रखती हैं, जिससे समाज को न केवल सही जानकारी मिले, बल्कि उस पर लोगों का भरोसा भी बना रहे। उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि उनकी खबरों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आए।
और पढ़ें

