पीएम मोदी की पेट्रोल-डीजल वाली अपील का दिल्ली पुलिस पर भी असर, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट
पीएम मोदी ने देशवासियों से वर्क फ्रॉम होम और ईंधन की कम खपत करने की अपील की थी। इसका असर अब दिल्ली पुलिस पर भी दिख रहा है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में होने वाली ज्यादातर बैठकों को ऑनलाइन मोड पर कर दिया गया है।

पश्चिम एशिया संकट के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों और सरकारी विभागों से ईंधन बचाने की विशेष अपील करने के बाद दिल्ली पुलिस ने भी अपने आंतरिक कामकाज के तौर-तरीकों में व्यापक बदलाव किए हैं। जय सिंह रोड में स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में होने वाली ज्यादातर बैठकों को ऑनलाइन मोड पर कर दिया गया है। दूर-दराज के जिला प्रमुख और दिल्ली पुलिस की अन्य यूनिट के प्रमुखों की बैठक अब वर्चुअल मोड पर हो रही है। पहले इसी बैठक के लिए कई किलोमीटर तक का सफर तय करके मुख्यालय आना पड़ता था। दिल्ली पुलिस की इस पहल से प्रतिदिन सैकड़ों लीटर ईंधन की सीधी बचत होने की उम्मीद है।
समय और मैनपावर की बचत
दिल्ली पुलिस के वर्चुअल मोड पर आने से केवल गाड़ी का ईंधन ही नहीं, बल्कि बड़े अधिकारियों के साथ चलने वाले एस्कॉर्ट वाहनों, चालकों और सुरक्षाकर्मियों का समय भी बच रहा है। दैनिक लॉ एंड ऑर्डर समीक्षा, क्राइम मीटिंग्स और अंतर-विभागीय समन्वय बैठकें अब पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दी गई हैं। केवल अत्यंत संवेदनशील या गोपनीय मामलों में ही व्यक्तिगत उपस्थिति की जरूरत रखी गई है। इससे वाहनों की आवाजाही कम हो गई है और ज्यादातर काम ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट हो गया है।
अन्य स्तरों पर की जा रही ईंधन बचत
वर्चुअल बैठकों के अलावा दिल्ली पुलिस अपने संसाधनों को युक्ति संगत बनाने और ईंधन फूंकने वाली आदतों को बदलने के लिए निम्नलिखित स्तरों पर काम कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप दिल्ली पुलिस ने भी अपने वरिष्ठ अधिकारियों और शहर में वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा काफिले में शामिल होने वाली गाड़ियों की संख्या को सीमित कर दिया है। वहीं पीसीआर वैन और थाना स्तर के गश्ती वाहनों (जिप्सी और मोटरसाइकिलों) को भी सिर्फ जरूरी जगहों पर गश्त करने और संवेदनशील हॉटस्पॉट पर वाहनों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है। पुलिसकर्मियों को यह स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि इन वाहनों का इस्तेमाल किसी भी तरह के अपने निजी काम में नहीं होना चाहिए।
पेट्रोलिंग में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल
इलेक्ट्रिक स्कूटर्स और 'ई-पॉड' से भीड़भाड़ वाले इलाकों में पेट्रोलिंग करने को कहा गया है। दिल्ली पुलिस ने जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान ही इन वाहनों के इस्तेमाल की शुरूआत कर दी थी। अब इंधन बचत को देखते हुए खास तौर पर मध्य दिल्ली, कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और अन्य ऐतिहासिक स्मारकों के आसपास गश्त के लिए इस तरह के आधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटर्स और 'ई-पॉड' (तीन पहियों वाले इलेक्ट्रिक वाहन) का उपयोग कर रही है। खासबात यह है कि ये इलेक्ट्रिक स्कूटर अत्याधुनिक सायरन, लाउडस्पीकर, पीए सिस्टम (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) और जीपीएस ट्रैकिंग से लैस हैं। हो सकता है कि भविष्य में इनकी संख्या को और बढ़ाया जाए और गश्त में ज्यादातर ऐसे वाहनों का इस्तेमाल किया जाए। हालांकि इसपर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
सीएम रेखा गुप्ता के भी बड़े ऐलान
ईंधन की कम खपत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता अपील के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रियों, विधायकों और अन्य जन प्रतिनिधियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सरकारी वाहनों की संख्या सीमित करने की घोषणा की है। सीएम गुप्ता ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने तथा ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। इसे आत्मसात करते हुए विभागीय कामकाज हेतु वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया है।''
उन्होंने कहा, ''मैं और मेरे सभी कैबिनेट सहयोगी, भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक, जनप्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के अधिकारी एवं सभी विभाग भी आवश्यकता के अनुरूप न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे तथा कारपूल और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे।''
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