कुछ लोग नाराज फूफा जैसे होते हैं; पीएम ने बताया- कॉलेज से निकलने पर कितनी तरह के लोग मिलते हैं

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज भारत एक मिजाज के साथ आगे बढ़ रहा है, जो काम पहले दशकों में होता था, अब वो कुछ वर्षों में ही हो रहा है।'

कुछ लोग नाराज फूफा बन जाते हैं; पीएम ने बताया- कॉलेज के बाहर कैसे लोग मिलते हैं
कुछ लोग नाराज फूफा बन जाते हैं; पीएम ने बताया- कॉलेज के बाहर कैसे लोग मिलते हैं (PMO via PTI Photo)(PTI09_05_2026_000383B)

दिल्ली विश्वविद्यालय का मशहूर श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) अपनी स्थापना के 100 साल पूरे होने पर शताब्दी वर्ष मना रहा है। जिसके लिए शनिवार को हुए मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि कॉलेज से निकलने के बाद आपको दो तरह के लोग मिलेंगे, एक वो जो समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं और दूसरे वो जो कोई भी नया काम शुरू होने पर नाराज फूफा बन जाते हैं। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष पर नाराज फूफा जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपनी सरकार के दौरान किए विभिन्न कामों का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह हर काम की शुरुआत करते वक्त विपक्ष ने नाराज फूफा की तरह हर काम को गैर जरूरी बताते हुए उसका विरोध किया।

स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'अभी तो आपकी जिंदगी SRCC मोड में चल रही है, आप सबने यहां के हर मोमेंट को अपने जीवन की मेमोरी बनाया है, लेकिन इस कैंपस के बाहर आपको एक नई दुनिया मिलेगी, जब आप कॉलेज से बाहर निकलेंगे तो आपको दो तरह के लोग मिलेंगे, एक तो वो लोग जो पॉजिटिव तरीके से समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं, दूसरी प्रजाति उन लोगों की है, जो कोई भी काम शुरू होने पर नाराज फूफा बन जाते हैं।'

'हर फूफा का यही परमानेंट डायलॉग होता है'

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी यहां विपक्ष के व्यवहार को नाराज फूफा की तरह बता रहे थे। उन्होंने बताया कि नाराज फूफाओं का फेवरेट काम होता है, हर काम का विरोध करना और इनका एक ही डायलॉग होता है, 'इसकी क्या जरूरत है'। पीएम ने बताया कि हर फूफा का यही परमानेंट डायलॉग होता है, 'इसकी क्या जरूरत है'।

पीएम बोले- नाराज फूफा ने हर काम का विरोध किया

आगे उन्होंने कहा, 'जब हम दुनिया का सबसे बड़ा स्टैच्यू बना रहे थे, तो फूफाजी ने कमर कस ली, कहा इसकी जरूरत ही क्या है, फिर जब हमने हाई स्पीड ट्रेन पर काम शुरू किया, तो फूफाजी फिर बोले- इसकी जरूरत ही क्या है। जब हम UPI लेकर आए, तो यही फूफा लोगों से कहते थे, UPI की जरूरत ही क्या है। आगे जब हमने चिप बनाने की बात की, तो फिर कहा गया, जरूरत ही क्या है। हमने संसद की नई बिल्डिंग बनाई, तो ये फिर बोले- इसकी जरूरत ही क्या है। हमने देश के लिए मरने-मिटने वाले, सर्वश्रेष्ठ बलिदान देने वाले हमारे वीर सेना नायकों का मेमोरियल बनाया, फूफा फिर मैदान में आ गए, और बोले- इसकी क्या जरूरत थी।'

'भारत एक मिजाज के साथ आगे बढ़ रहा'

इसके बाद पीएम ने कहा, 'लेकिन भारत ने ऐसे सभी फूफाओं को जवाब दिया, जो देश के लिए जरूरी है वो भारत को करने से कोई रोक नहीं सकता। साथियों आज भारत एक मिजाज के साथ आगे बढ़ रहा है, जो काम पहले दशकों में होता था, अब वो कुछ वर्षों में ही हो रहा है।'

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

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