कुछ लोग नाराज फूफा जैसे होते हैं; पीएम ने बताया- कॉलेज से निकलने पर कितनी तरह के लोग मिलते हैं
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज भारत एक मिजाज के साथ आगे बढ़ रहा है, जो काम पहले दशकों में होता था, अब वो कुछ वर्षों में ही हो रहा है।'

दिल्ली विश्वविद्यालय का मशहूर श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) अपनी स्थापना के 100 साल पूरे होने पर शताब्दी वर्ष मना रहा है। जिसके लिए शनिवार को हुए मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि कॉलेज से निकलने के बाद आपको दो तरह के लोग मिलेंगे, एक वो जो समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं और दूसरे वो जो कोई भी नया काम शुरू होने पर नाराज फूफा बन जाते हैं। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष पर नाराज फूफा जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपनी सरकार के दौरान किए विभिन्न कामों का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह हर काम की शुरुआत करते वक्त विपक्ष ने नाराज फूफा की तरह हर काम को गैर जरूरी बताते हुए उसका विरोध किया।
स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'अभी तो आपकी जिंदगी SRCC मोड में चल रही है, आप सबने यहां के हर मोमेंट को अपने जीवन की मेमोरी बनाया है, लेकिन इस कैंपस के बाहर आपको एक नई दुनिया मिलेगी, जब आप कॉलेज से बाहर निकलेंगे तो आपको दो तरह के लोग मिलेंगे, एक तो वो लोग जो पॉजिटिव तरीके से समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं, दूसरी प्रजाति उन लोगों की है, जो कोई भी काम शुरू होने पर नाराज फूफा बन जाते हैं।'
'हर फूफा का यही परमानेंट डायलॉग होता है'
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी यहां विपक्ष के व्यवहार को नाराज फूफा की तरह बता रहे थे। उन्होंने बताया कि नाराज फूफाओं का फेवरेट काम होता है, हर काम का विरोध करना और इनका एक ही डायलॉग होता है, 'इसकी क्या जरूरत है'। पीएम ने बताया कि हर फूफा का यही परमानेंट डायलॉग होता है, 'इसकी क्या जरूरत है'।
पीएम बोले- नाराज फूफा ने हर काम का विरोध किया
आगे उन्होंने कहा, 'जब हम दुनिया का सबसे बड़ा स्टैच्यू बना रहे थे, तो फूफाजी ने कमर कस ली, कहा इसकी जरूरत ही क्या है, फिर जब हमने हाई स्पीड ट्रेन पर काम शुरू किया, तो फूफाजी फिर बोले- इसकी जरूरत ही क्या है। जब हम UPI लेकर आए, तो यही फूफा लोगों से कहते थे, UPI की जरूरत ही क्या है। आगे जब हमने चिप बनाने की बात की, तो फिर कहा गया, जरूरत ही क्या है। हमने संसद की नई बिल्डिंग बनाई, तो ये फिर बोले- इसकी जरूरत ही क्या है। हमने देश के लिए मरने-मिटने वाले, सर्वश्रेष्ठ बलिदान देने वाले हमारे वीर सेना नायकों का मेमोरियल बनाया, फूफा फिर मैदान में आ गए, और बोले- इसकी क्या जरूरत थी।'
'भारत एक मिजाज के साथ आगे बढ़ रहा'
इसके बाद पीएम ने कहा, 'लेकिन भारत ने ऐसे सभी फूफाओं को जवाब दिया, जो देश के लिए जरूरी है वो भारत को करने से कोई रोक नहीं सकता। साथियों आज भारत एक मिजाज के साथ आगे बढ़ रहा है, जो काम पहले दशकों में होता था, अब वो कुछ वर्षों में ही हो रहा है।'


