पिंक सहेली कार्ड; 12 दिन में कितनी महिलाओं ने बनवाया, कहां-कहां मिल रहा है?
दिल्ली की महिलाओं को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा मुहैया कराने के लिए रेखा सरकार ने 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' लॉन्च किया है। दिल्ली सीएमओ की तरफ से आंकड़े जारी करते हुए बताया गया है कि बीते 12 दिनों में कितने कार्ड बन चुके हैं?

दिल्ली की महिलाओं को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा मुहैया कराने के लिए रेखा सरकार ने 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' लॉन्च किया है। दिल्ली सीएमओ की तरफ से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि 12 दिनों में 1 लाख से ज्यादा कार्ड जारी हो चुके हैं। सरकार ने इसे योजना के प्रति महिलाओं का बढ़ता विश्वास बताया है। इन कार्ड पर मुफ्त बस यात्रा के अलावा मेट्रो और आरआरटीएस पर 10 फीसदी की छूट देनी की बात कही गई है। जानिए ये पिंक कार्ड कहां-कहां मिल रहा है...
दिल्ली सरकार की तरफ से एक्स पर किए गए ट्वीट में बताया गया है- महिलाओं की पहली पसंद बनी सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड। सिर्फ 12 दिनों में 1 लाख से ज्यादा कार्ड जारी हुए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू हुई सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना को दिल्ली सीएमओ ने महिलाओं के सुरक्षित और सुलभ सफर की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।
इन कमिश्नर ऑफिस में मिल रहा कार्ड
1- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट
2- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस ईस्ट डिस्ट्रिक्ट
3- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट
4- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस नॉर्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट
5- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट
6- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस साउथ डिस्ट्रिक्ट
7- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट
8- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस वेस्ट डिस्ट्रिक्ट
9- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट
10- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस पुरानी दिल्ली डिस्ट्रिक्ट
11- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस सेंट्रल नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट
12- डिप्टी कमिश्नर ऑफिस आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट
इन एसडीएम ऑफिस में मिल रहा कार्ड
13- SDM दिल्ली कैंट का ऑफिस
14- SDM आदर्श नगर का ऑफिस
15- SDM यमुना विहार का ऑफिस
16- SDM किरारी और नांगलोई जाट का ऑफिस
17- SDM महरौली का ऑफिस
18- SDM द्वारका का ऑफिस
19- SDM बदरपुर का ऑफिस
20- SDM बवाना का ऑफिस
डीटीसी सेंटरों पर भी मिल रहा है पास
21- दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन बंदा बहादुर मार्ग (BBM) डिपो
22- DTC बुरारी डिपो ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के पास (बुरारी)
23- DTC उत्तम नगर दर्रा सेक्शन
24- DTC नेहरू प्लेस पास सेक्शन
25- DTC शादीपुर पास सेक्शन
26- DTC सिंधिया हाउस पास सेक्शन
27- DTC कश्मीरी गेट पास सेक्शन
28- DTC डिचोनकलां पास सेक्शन
29- DTC नंद नगरी पास सेक्शन
30- DTC वज़ीरपुर पास सेक्शन
31- DTC पीरा गढ़ी पास सेक्शन
32- DTC द्वारका सेक्टर-2 पास सेक्शन
33- DTC सरोजिनी नगर पास सेक्शन
34- DTC हरि नगर-1 पास सेक्शन
35- DTC मंगोल पुरी पास सेक्शन
36- DTC पंजाबी बाग पास सेक्शन
37- DTC लाजपत नगर पास सेक्शन
38- DTC आज़ादपुर पास सेक्शन
39- DTC सुल्तानपुरी पास सेक्शन
40- DTC दिल्ली गेट पास सेक्शन
41- DTC रोहिणी सेक्टर-22 पास सेक्शन
42- DTC करावल नगर टर्मिनल
43- डीटीसी हौज खास पास सेक्शन
44- डीटीसी शहादरा पास सेक्शन
45- डीटीसी कंझावला पास सेक्शन
46- डीटीसी साउथ कैंपस पास सेक्शन
47- डीटीसी जामिया पास सेक्शन
48- डीटीसी सीमापुरी पास सेक्शन
49- डीटीसी नॉर्थ कैंपस (DU) पास सेक्शन
50- डीटीसी जेएनयू पास सेक्शन
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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