लाचारी! फरीदाबाद के अस्पताल से शव वाहन नहीं मिला तो लाश को ठेले पर घर ले गए लोग
फरीदाबाद के बीके अस्पताल से जुड़ा एक हैरान-परेशान करने वाला मामला सामने आया है। यहां अस्थमा की बीमारी से पीड़ित एक व्यक्ति की मौत के बाद उसके परिजन शव को सब्जी वाले हाथ ठेले पर रखकर घर ले जाते दिखे।

फरीदाबाद के बीके अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत के बाद शव वाहन नहीं मिलने पर उसके परिजनों द्वारा लाश को सब्जी के ठेले पर रखकर घर ले जाने का मामला सामने आया है। मृतक व्यक्ति सांस की बीमारी से पीड़ित था। बीके अस्पताल में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। शव को घर ले जाने के लिए परिजन बहुत देर तक शव वाहन का इंतजार रहे, लेकिन काफी इंतजार के बाद मजबूरन वो शव को सब्जी वाले ठेले पर रखकर घर ले गए। यह बुधवार रात की घटना है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, राहुल कॉलोनी निवासी फिरोज पिछले कई दिनों से सांस संबंधी बीमारी से परेशान थे। मंगलवार रात उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक उन्हें सांस लेने में दिक्कत के साथ उल्टियां भी हो रही थीं। इसके बाद परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत बीके नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने के कुछ समय बाद ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद उन्होंने शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन से शव वाहन की मांग की, लेकिन काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। ऐसे में उन्हें पास से एक सब्जी वाला ठेला लेना पड़ा और उसी पर शव रखकर घर ले गए।
जनवरी में भी सामने आई थी ऐसी घटना
बता दें कि, यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जनवरी महीने में भी टीबी की बीमारी से पीड़ित एक महिला की मौत के बाद उसके शव को भी ठेले पर ले जाने का मामला सामने आया था। उस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से जवाब तलब किया था और जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी।
क्या बोले अधिकारी
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। आपातकालीन विभाग के बाहर शव वाहन की उपलब्धता संबंधी सूचना और चालक का मोबाइल नंबर प्रदर्शित है। जरूरतमंद लोग सीधे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नर्सिंग अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर परिजनों को शव वाहन उपलब्ध कराया जाए।
बता दें कि, देशभर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लाचारी किसी छुपी नहीं है। आए दिन ऐसी घटनाएं और वीडियो सामने आते रहते हैं, जिनमें मरीज इलाज और इंतजामों के लिए परेशान दिखते हैं।


