मेट्रो के पास रहने वाले समय से पहले चुका रहे कर्ज, PM की आर्थिक सलाहकार समिति की रिपोर्ट
दिल्ली समेत सभी बड़े शहरों में मेट्रो अब लोगों के लिए सिर्फ सुरक्षित सफर का जरिया नहीं, बल्कि आर्थिक चिंताओं को दूर करने का माध्यम भी बन रही है। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि मेट्रो रूट पर रहने वाले लोग समय से अपने बैंक लोन की किस्तें चुका रहे हैं।

दिल्ली समेत सभी बड़े शहरों में मेट्रो अब लोगों के लिए सिर्फ सुरक्षित सफर का जरिया नहीं, बल्कि आर्थिक चिंताओं को दूर करने का माध्यम भी बन रही है। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि मेट्रो रूट पर रहने वाले लोग समय से अपने बैंक लोन की किस्तें चुका रहे हैं। इसके साथ ही तय अवधि से पहले कर्ज चुकता करने वालों की संख्या भी बढ़ी है।
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति ने यह अध्ययन किया है। इसमें दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद के तीन लाख से अधिक ऐसे बैंक खातों का विश्लेषण किया गया, जिनका पिनकोड मेट्रो रूटों का है। अधिकतर के मेट्रो से सफर करने का अनुमान जताया गया है।
मेट्रो के आसपास रहने वालों की वित्तीय हालत सुधरी
जनवरी में सामने आई समिति की रिपोर्ट बताती है कि मेट्रो की सुविधा बेहतर सार्वजनिक परिवहन सफर के साथ जेब को भी मजबूत कर रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मेट्रो के आसपास रहने वालों की वित्तीय हालत सुधरी है और उसका असर कर्ज अदायगी पर भी दिखाई दिया है।
अध्ययन से साफ है कि सार्वजनिक परिवहन की योजनाएं आसान सफर और पर्यावरण को बेहतर बनाने के साथ साथ लोगों की बचत भी बढ़ा रही हैं।
दिल्ली में डिफाल्टर घटे
दिल्ली में सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है। यहां 1.35 लाख बैंक खातों को अध्ययन में शामिल किया गया। दिल्ली में देरी से ऋण चुकाने वालों की संख्या में 4.42 प्रतिशत की कमी आई है। सार्वजनिक परिवहन से सफर करने से लोगों की बचत बढ़ी है। इससे तय समय से पहले ही लोन चुकाने वालों की संख्या भी बढ़ी है। दिल्ली में ऐसे लोगों की संख्या में 1.38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
हैदराबाद और बेंगलुरु में स्थिति सुधरी
हैदराबाद में मेट्रो रूटों के आसपास रहने वाले लोगों के 1,35, 180 बैंक खातों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन से पता चला कि लोन देरी से चुकाने वालों की संख्या में 1.7 फीसदी की कमी आई है। वहीं समय से पहले लोन चुकाने वाले 1.8 प्रतिशत की दर से बढ़ गए हैं। वहीं बेंगलुरु में 94,356 बैंक खातों का विश्लेषण किया गया। बेंगलुरु में समय से पहले लोन चुकाने वालों की संख्या में 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उधर, कर्ज चुकाने में देरी करने वालों की संख्या 2.4 प्रतिशत कम हुई है।


