दिल्ली में पैलेट गन के शिकार हुए प्रदर्शनकारी बोले- अब CJP नहीं पूछ रही हाल

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

20 जुलाई को संसद मार्च के दिन दिल्ली में कुछ प्रदर्शनकारी पैलेट गन के छर्रों का शिकार बने थे। अब भी कई छर्रे उनके शरीर में मौजूद हैं। जख्मी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीजेपी के लोग अब उनसे संपर्क नहीं करते।

pellet gun
पैलेट गन के शिकार साहिल की आंख की रोशनी अभी तक नहीं लौट पाई है।

नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन में संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा की घटना को माहभर पूरे हो गए। फिर भी इस घटना में पैलेट गन के छर्रे लगने से घायल छात्रों के जख्म अभी भरे नहीं हैं। वहीं, जख्मी प्रदर्शनकारियों में इस बात की टीस भी है कि अब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया जा रहा है।

दूसरी सर्जरी के बाद भी नहीं लौटी आंख की रोशनी

नजफगढ़ के रहने वाले छात्र साहिल लोचव की दूसरी सर्जरी कराने के बाद भी दायीं आंख की रोशनी नहीं लौट पाई। साहिल व एक अन्य छात्र का दायां हाथ भी कमजोर हो गया है। पीड़ित छात्र और उनके परिजन ने अपना दर्द बयान किया। 19 वर्षीय साहिल की दायीं आंख में पैलेट के छर्रे लगने से कॉर्निया में छेद हो गया था। उसकी मां ज्योति के मुताबिक, 20 जुलाई की घटना में साहिल की आंख और हाथ में छर्रे लगे थे, जिनमें से सभी अब तक नहीं निकाले जा सके हैं। इसके चलते उसका एक हाथ भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। एम्स ट्रॉमा सेंटर में उसकी आंख की सर्जरी के बाद छुट्टी दे दी गई थी। 31 जुलाई को डॉक्टरों ने दोबारा सर्जरी कर आंख में लेंस डाला, लेकिन अभी तक रोशनी नहीं लौटी है। साहिल अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टरों ने उसे उल्टा लेटने की सलाह दी है। वह स्नातक द्वितीय वर्ष का छात्र है और घटना से उसकी पढ़ाई प्रभावित हुई है।

इरशाद को लगे थे पैलेट गन के करीब 40 छर्रे

मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी इरशाद मंसूरी के चेहरे, आंख के पास, छाती और शरीर के कई हिस्सों में पैलेट गन के करीब 40 छर्रे लगे थे। 21 जुलाई को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में सर्जरी कर कुछ छर्रे निकाले गए। इस दौरान उनकी आंख बाल-बाल बची। गुरुग्राम की कॉरपोरेट कंपनी में कार्यरत इरशाद अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुए हैं। पांच दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद भी शरीर में कुछ धातु के छर्रे मौजूद हैं। सर्जरी के घाव नहीं भरने से वह ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर पाए हैं। मुआवजे के लिए वह सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

पहले की तरह सामान्य महसूस नहीं कर रहे प्रशांत

बिहार निवासी 25 वर्षीय छात्र प्रशांत के हाथ, छाती और कमर के पास पैलेट के छर्रे लगे थे। इससे कुछ समय के लिए उनका दायां हाथ सुन्न पड़ गया था। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में इलाज के बाद उन्होंने होली फैमिली अस्पताल में भी उपचार कराया। डॉक्टरों ने त्वचा और मांसपेशियों में मौजूद कुछ छर्रे निकाल दिए, लेकिन कई छोटे छर्रे अब भी मांसपेशियों में गहराई तक धंसे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इन्हें निकालने पर अधिक घाव हो सकते हैं, इसलिए इन्हें शरीर में ही छोड़ दिया गया है। प्रशांत नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन पहले जैसा महसूस नहीं कर पा रहे।

घटना के बाद से नहीं लिया हाल

प्रशांत ने बताया कि घटना के बाद से अब तक सीजेपी की तरफ से किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है। वहीं, साहिल की मां ने भी बताया कि सीजेपी के किसी सदस्य ने संपर्क कर हाल नहीं लिया है। जख्मी प्रदर्शनकारियों में अब इस बात की भी टीस है कि सीजेपी के नेता मदद तो दूर अब बात भी नहीं करते हैं।

Sudhir Jha

लेखक के बारे में

Sudhir Jha

सुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)


सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।


15 सालों का अनुभव

सुधीर झा ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। दैनिक आज समाज और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, न्यूजट्रैक और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क के अनुभव ने उनकी विश्लेषणात्मक समझ को और व्यापक बनाया। डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त है।


विश्वसनीय खबरों का लेखन

सुधीर झा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (जैसे लोकसभा चुनाव और केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी संपादकीय शैली में स्पीड और वेरिफिकेशन का संतुलन प्रमुख है। वे जमीनी स्रोतों, स्ट्रिंगर्स और रिपोर्टर्स के साथ समन्वय कर एक्सक्लूसिव और इम्पैक्टफुल स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वे प्रत्येक खबर में मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों की राय शामिल करने पर जोर देते हैं। सुधीर झा न्यूज राइटिंग में विश्वसनीयता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखते हैं। उनकी संपादकीय प्राथमिकता सार्वजनिक हित, निष्पक्षता और तथ्यपरकता है। सुधीर झा का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है।


शिक्षा और सम्मान

सुधीर झा ने कंप्यूटर साइंस में स्नातक किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘Digi Journo of the Year 2024–25’ और ‘Digital Content Award 2023–24’ से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें 'हम से सीखो' विशेष कैंपेन के लिए भी सम्मानित किया गया है।


विशेषज्ञता

राजनीति, अपराध और प्रशासनिक मामलों की गहन व तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग
ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और मल्टी-स्टेट हाइपरलोकल कवरेज लीडरशिप
डिजिटल होमपेज ऑप्टिमाइजेशन और रियल-टाइम कंटेंट स्ट्रेटेजी
लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट) और विश्लेषणात्मक लेखन
मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, संपादकीय गुणवत्ता नियंत्रण और टीम मेंटरशिप

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News , Faridabad News और दिल्ली में आज का मौसम सहित पूरे NCR की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करे और पाएं पल-पल की ताज़ा खबर
Hindi Newsएनसीआर Newsआंख की रोशनी गायब, छर्रों का दर्द; पैलेट गन के शिकार बोले- अब CJP नहीं पूछती हाल