‘पापा बचा लो’: दिल्ली के महरौली में किडनैप, रेप और मर्डर से पहले मासूम के आखिरी शब्द
दिल्ली के महरौली में 11 साल की मासूम ने अगवा किए जाते वक्त आखिरी बार अपने पिता से उसे बचाने की गुहार लगाई थी। इसके बाद आरोपी कैब ड्राइवर उसे उठाकर भाग गया और दो बार दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी।

दिल्ली के महरौली में 11 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दिल-दहला देने वाली अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की शर्मनाक घटना ने हर किसी को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। उसने रोते हुए आखिरी बार अपने पापा से उसे बचाने की गुहार लगाई थी, लेकिन वो उसे बचा नहीं सके। अगवा किए जाने के वक्त बच्ची अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर सो रही थी।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित बच्ची के पिता ने बताया कि जब कैब ड्राइवर ने उसे अगवा किया तब बेटी ने आखिरी बार कहा था, ‘पापा मुझे बचा लो’। बच्ची की चीखें सुनकर पिता सफेद कार के पीछे दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी बच्ची को उठाकर भाग गया था। इसके बाद उसने बच्ची से दुष्कर्म कर उसे गला घोंटकर कर मार डाला।
पीड़ित लड़की सोमवार रात दिल्ली के महरौली में अपने माता-पिता और तीन भाई-बहनों के साथ फुटपाथ पर सो रही थी, तभी एक कैब ड्राइवर ने वहां गाड़ी रोकी। पुलिस के मुताबिक, ऐप-बेस्ड कैब ड्राइवर बबलू उस वक्त नशे में था और सवारी का इंतजार कर रहा था, तभी उसने उस नजर वहां सो रही उस बच्ची पर पड़ी। बुरी नीयत से उसने बच्ची को उठाकर कैब के अंदर डाल लिया। लड़की की चीख सुनकर उसके पिता जाग गए और कार के पीछे दौड़े, लेकिन उनकी सारी कोशिशें नाकाम रह गईं। बच्ची के माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं।
बच्ची को अगवा करने से पहले 1 घंटे खड़ी रही गाड़ी
इसके बाद पिता ने तुरंत पीसीआर को कॉल कर पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने सफेद रंग की गाड़ी की मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी के आधार पर 4 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। सीसीटीवी फुटेज में गाड़ी तो दिख रही थी, लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन नंबर साफ नहीं था। फुटेज की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि गाड़ी उस जगह पर करीब एक घंटे तक खड़ी रही थी। कार सुबह करीब 4 बजे वहां पहुंची थी और करीब एक घंटे बाद सुबह 5 बजे बच्ची को अगवा कर लिया गया।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए कैब कंपनी से उस इलाके में उनकी कारों की ट्रिप से जुड़ी जानकारी मांगीं। इस बीच, पुलिस ने रास्ते में लगे दूसरे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर गाड़ी की पहचान कर ली। पुलिस ने जीपीएस और आरोपी के मोबाइल फोन की लोकेशन का इस्तेमाल कर कार को वेस्ट दिल्ली के विकासपुरी इलाके में ट्रेस किया। उसे सुबह करीब 11 बजे विकासपुरी से गिरफ्तार किया गया, जहां वो एक यात्री को छोड़ने के बाद थोड़ी देर के लिए रुका था।
रेप-हत्या के बाद सामान्य व्यवहार कर रहा था आरोपी : पुलिस
भाषा के मुताबिक, आरोपी कैब ड्राइवर बाशू कुमार सिंह (29) ने बच्ची से दुष्कर्म और हत्या कर शव को गुरुग्राम में पत्थरों के नीचे छिपाने के बाद अपनी दिनचर्या फिर से शुरू कर दी थी। उसने दूसरे यात्री को गाड़ी में बिठाया और कुछ घंटे बाद अपनी गिरफ्तारी तक सामान्य रूप से व्यवहार किया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान वह ज्यादातर भावनाहीन बना रहा, उसने अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं जताया और अपराध को लेकर बार-बार अपना बयान बदलता रहा।
जांचकर्ताओं के अनुसार, बिहार का रहने वाला बाशू कुमार सिंह शादीशुदा है और वहां उसके बच्चे हैं। उसने अपराध से पहले कथित तौर पर गांजे का सेवन किया था। अधिकारियों ने कहा कि गहन पूछताछ के दौरान, उसने अपराध कैसे हुआ, इसके बारे में अलग-अलग बयान दिए और बार-बार अपने बयान बदलता रहा। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने गुरुग्राम बॉर्डर के पास फतेहपुर बेरी के पास मंडी रोड पर अपनी कार के अंदर बच्ची से दुष्कर्म किया। फिर उसने दावा किया कि वह उसे फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर एक सुनसान वन क्षेत्र में ले गया, जहां उसने उसके साथ दोबारा बलात्कार किया, कपड़े से उसका गला घोंट दिया और फिर उसके सीने पर पत्थर से वार किया।
पुलिस ने कहा कि आरोपी शाम करीब 5 बजे उन्हें क्राइम स्पॉट पर ले गया, जहां उसने शव को पत्थरों के नीचे छिपाने का प्रयास किया था। शव को मौके से बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
जांचकर्ताओं ने कहा कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान यह भी दावा किया कि बच्ची से दुष्कर्म करने के बाद, वह शुरुआत में उसे उसी जगह वापस छोड़ना चाहता था, जहां से उसने उसे अगवा किया था, लेकिन इलाके में पुलिस कर्मियों को देखकर वह डर कर भाग गया। इस दावे का सत्यापन किया जा रहा है।
कैब चालक ने की भागने की कोशिश, पुलिस मुठभेड़ में घायल
इस बीच, आरोपी कैब ड्राइवर ने मंगलवार को कथित तौर पर एक पुलिस कर्मी की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश और इस दौरान हुई मुठभेड़ में वह घायल हो गया। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस उसे क्राइम सीन री-क्रिएशन के लिए फतेहपुर बेरी के पास मंडी रोड स्थित स्थान पर लेकर गई थी। पुलिस के अनुसार, जब क्राइम सीन री-क्रिएट किया जा रहा था, तब आरोपी बाशू कुमार सिंह ने एक पुलिसकर्मी की सरकारी पिस्टल छीन भागने का प्रयास किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में उस पर गोली चलाई और उसे भागने से रोकने के लिए उसके पैर में गोली मार दी। उसे काबू कर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
एनकाउंटर न्याय नहीं है, आरोपी को फांसी हो: पीड़ित पिता
पीटीआई की रिपोर्ट के अनसार, छतरपुर श्मशान घाट पर मंगलवार को बेटी का अंतिम संस्कार करते वक्त गमजदा पिता ने कहा, “एनकाउंटर न्याय नहीं है, मैं चाहता हूं कि आरोपी को फांसी दी जाए।” पीड़िता के पिता ने उस सुबह की खौफनाक घटना को याद करते हुए बताया कि वो फुटपाथ पर सो रहे थे, तभी उस दरिंदे कैब ड्राइवर ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया। मेरी बेटी चिल्लाई भी थी। मैं कैब के पीछे भागा और उसकी कार पर एक डंडा भी फेंका था।


