दिल्ली एयरपोर्ट पर 'मानव कंकाल' मिलने से अफरा-तफरी, पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए भेजा
दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जांच के दौरान मानव कंकाल जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद हुई। दिल्ली पुलिस ने कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में पता चला कि यह एक डेमो कंकाल है, जिसका उपयोग मेडिकल छात्र करते हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जांच के दौरान मानव कंकाल जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद हुई। दिल्ली पुलिस ने कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में पता चला कि यह एक डेमो कंकाल है, जिसका उपयोग मेडिकल छात्र करते हैं।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर गुरुवार को सुरक्षा कर्मियों द्वारा मानव कंकाल जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद की गई। इसकी सूचना फैलने के बाद थोड़ी देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद हवाई अड्डे की सुरक्षा और दिल्ली पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि कंकाल एक डेमो कंकाल है, जिसका उपयोग मेडिकल छात्र आमतौर पर शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए करते हैं। यह कंकाल एक मेडिकल छात्र के सामान में मिली थी, जिससे पुष्टि होती है कि इसका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
हालांकि, किसी भी संदेह को दूर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक विश्लेषण से वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो जाएगा कि बरामद अवशेष वास्तव में शैक्षिक प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किया गया एक डेमो कंकाल है या फिर मानव का।
एक रनवे 5 महीनों के लिए बंद रहेगा
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंफ्रास्ट्रक्चरल अपग्रेडेशन के काम की वजह से एयरपोर्ट का एक रनवे 16 फरवरी से लगभग 5 महीनों के लिए बंद रहेगा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने कहा कि रनवे 11R/29L की री-सर्फेसिंग की जानी है, इसके साथ ही इसका टेक्निकल अपग्रेड भी होना है। हालांकि, दिल्ली एयरपोर्ट का एक रनवे बंद होने के बावजूद फ्लाइट ऑपरेशन बिना किसी बड़ी रुकावट के सामान्य रूप से जारी रहेंगे।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


