
पलवल-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू, जेवर एयरपोर्ट की दूरी आधे घंटे में होगी पूरी
हरियाणा के पलवल से जेवर एयरपोर्ट तक की दूरी अब काफी कम होने वाली है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से पलवल-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
हरियाणा के पलवल से जेवर एयरपोर्ट तक की दूरी अब काफी कम होने वाली है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से पलवल-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
परियोजना के तहत यूपी सीमा में सड़क को जहां चौड़ा किया जा रहा है। वहीं, हरियाणा सीमा में सड़क निर्माण के बीच आ रहे पेड़ों की कटाई की जा रही है। सड़क निर्माण के बाद यमुना पर प्रस्तावित नए पुल का निर्माण भी जल्द शुरू किया जाएगा। एक्सप्रेसवे के निर्माण से पलवल से जेवर एयरपोर्ट और नोएडा एक्सप्रेसवे तक की दूरी महज आधे घंटे सिमट जाएगी। इससे एक लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पलवल से अलीगढ़ के बीच करीब 72 किलोमीटर लंबा मार्ग कई वर्षों से जर्जर हालत है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। रात के अंधेरे में सड़क दुर्घटना का खतरा रहता है। खासकर मॉनसून में सड़क पर आवाजाही खतरनाक होती है। इसे लेकर स्थानीय लोग कई बार प्रशासन से सुधार की मांग कर चुके हैं। लोगों की बढ़ती समस्या को देखते हुए एनएचएआई ने 4 लेन की सड़क को ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित करने की परियोजना पर काम शुरू कर दिया है।

हरियाणा- यूपी सीमा में समानांतर काम
हरियाणा के पलवल सीमा के अंतर्गत आने वाले गांव रहीमपुर में सड़क किनारे पेड़ों की कराई जा रही है। वहीं यूपी सीमा में स्थित अलीगढ़-टप्पल रोड को जुप्पा गांव के समीप सड़क पर मिट्टी डालने, समतलीकरण और चौड़ीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। सड़क निर्माण के बीच आ रहे अवैध निर्माणों को हटाने की भी तैयारी की जा रही है।
खैर बाईपास पर विशेष जोर दिया जा रहा
इस परियोजना में सबसे पहले खैर के बाहरी क्षेत्र में बाईपास निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। गांव जप्पा और रहीमपुर के अलावा ऐंचना, उदयगढ़ी, लक्ष्मणगढ़ी और बांकनेर गांवों के पास निर्माण कार्य प्रगति पर है। लक्ष्मणगढ़ी में कट का निर्माण भी शुरू हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, अगले एक वर्ष में सबसे पहले यह बाइपास तैयार कर लिया जाएगा, जिससे कस्बे में लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी।
परियोजना पर 1350 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि परियोजना पर करीब 1350 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें लगभग 700 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जा रहे हैं, जबकि शेष राशि निर्माण कार्य पर लगेगी। हरियाणा की सीडीएस कंपनी को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। करीब छह महीने पहले शुरू हुआ यह कार्य शुरुआती दौर में धीमा रहा, लेकिन अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके बनने से अलीगढ़ से पलवल, यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बीच संपर्क और सुगम होगा। अलीगढ़, दिल्ली, नोएडा, एनसीआर, गुरुग्राम और हरियाणा के अन्य शहरों तक आवागमन आसान हो जाएगा। अनुमान है कि प्रतिदिन करीब एक लाख वाहन चालकों को राहत मिलेगी।





