Hindi Newsएनसीआर Newspakistani terrorist suspected among delhi blast plotters key figures in white collar terror module
टेरर मॉड्यूल के बड़े चेहरे, एक तो पाकिस्तानी के संपर्क में भी था, किसे क्या जिम्मेदारी?

टेरर मॉड्यूल के बड़े चेहरे, एक तो पाकिस्तानी के संपर्क में भी था, किसे क्या जिम्मेदारी?

संक्षेप:

दिल्ली बम धमाके की जांच में अब तक कई साजिशकर्ताओं के नाम सामने आए हैं। डॉ. उमर समेत इन सभी संदिग्धों की भूमिकाएं साफ हो चुकी हैं। एक पाकिस्तानी आतंकी पर भी शक है। सभी संदिग्धों और उनकी भूमिकाओं पर एक नजर...

Nov 19, 2025 09:11 pm ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

दिल्ली में लाल किला के पास हुए धमाके के एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत जाने के बाद इसमें शामिल तमाम संदिग्धों के बारे में कई जानकारियां सामने आई हैं। गौर करने वाली बात यह भी कि हमले के बाद से ही फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी जांच के केंद्र में रही है। तमाम एजेंसियों की जांच के बीच ईडी की एंट्री भी हो गई है। ईडी ने अल फलाह ग्रुप के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी को 13 दिन की हिरासत में लिया है। ईडी का कहना है कि जवाद अहमद सिद्दीकी ने ट्रस्ट के विभिन्न संस्थानों के छात्रों से बेईमानी कर के 415 करोड़ रुपये कमाए।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

पाकिस्तानी के संपर्क में था एक सदस्य

एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली धमाके को अंजाम देने वाले डॉ. उमर समेत तमाम संदिग्धों की भूमिकाएं साफ हो चुकी हैं। अब तक की जांच से साफ हो चुका है कि इस ह्वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का असल मकसद आतंकी हमला ही करना था। रसद से लेकर बम बनाने तक टेरर मॉड्यूल के सदस्यों की भूमिकाएं अलग-अलग रही हैं। गौर करने वाली बात यह है कि टेरर मॉड्यूल का एक सदस्य तो हंजुल्ला नाम के एक पाकिस्तानी से भी जुड़ा था।

डॉ. उमर उन नबी

दिल्ली धमाके को डॉ. उमर ने ही अंजाम दिया था। उसका एक वीडियो भी सामने आ चुका है जिसमें वह सुसाइड अटैक के बारे में बात कर रहा है। उसे बम बनाने के साथ ही उसमें इस्तेमाल होने वाले विस्फोटकों की जानकारी थी। पूरे टेरर मॉड्यूल में उमर सबसे ज्यादा आक्रामक था।

दानिश

एनआईए जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर चुकी है। उसने मॉड्यूल में तकनीशियन का काम किया। डॉ. उमर ने ही उसे मॉड्यूल में लाने का काम किया था। उसे ड्रोन में मॉडिफिकेशन का काम सौंपा गया था जिससे बम लोड किया जा सके। उसने रॉकेट बनाने का भी प्रयास किया था।

आमिर राशिद अली

एनआईए आमिर राशिद अली को भी अरेस्ट कर चुकी है। जम्मू-कश्मीर निवासी आमिर को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। वह हमले की योजना बनाने की साजिश में शामिल रहा। उसने लाल किले के पास हुए हमले की योजना बनाने में डॉ. उमर की मदद की। आमिर ने भी डॉ. उमर को i20 कार मुहैया कराई। सूत्र बताते हैं कि आमिर ने विस्फोटक तैयार करने में भी उमर की मदद की।

इरफान अहमद

जम्मू-कश्मीर के शोपियां की एक मस्जिद में मौलवी का काम करने वाले इरफान अहमद इस टेरर मॉड्यूल का अहम हिस्सा रहा है। आरोप है कि इरफान युवाओं बरगला कर ह्वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल में शामिल करता था। इरफान ने ही कथित तौर पर डॉक्टरों की भर्ती की। इसी ने मुजम्मिल शकील को भर्ती किया। इसके जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आतंकियों से सीधे संबंध बताए जाते हैं।

पाकिस्तान का हंजुल्ला

एनडीटीवी इंडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जम्मू-कश्मीर निवासी मौलवी इरफान अहमद पाकिस्तानी आतंकी उमर बिन खत्ताब उर्फ ​​हंजुल्ला के संपर्क में था। इस तरह पूरे प्रकरण में एक का जुड़ाव पाकिस्तान के उमर बिन खत्ताब उर्फ ​​हंजुल्ला से सामने आया है।

अदील अहमद राथर

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सबसे पहले अदील की गिरफ्तारी की थी। इसी ने पूछताछ में पूरे टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इससे पूछताछ में मिली जानकारी के बाद मुजम्मिल शकील और शाहीन सईद को गिरफ्तार किया गया। फिर पुलिस ने फरीदाबाद में 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया। इसका काम आतंकी मॉड्यूल के लिए हथियारों का इंतजाम करना बताया जाता था।

शाहीन सईद

अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाली शाहीन सईद गरीब महिलाओं और लड़कियों को गुमराह कर जैश की महिला विंग जमात-उल-मुमीनत से जोड़ती थी। उस पर मॉड्यूल के लिए फंडिंग की भी जिम्मेदारी थी। आलम यह कि शाहीन सईद ने अपने भाई डॉ. परवेज़ अंसारी तक को माड्यूल में शामिल किया। सईद को हवाला से लगभग 20 लाख रुपये मिले। इसी पैसे को लेकर उसका डॉ. उमर से मतभेद हो गया था।

ये भी पढ़ें:अहमदाबाद जेल में बंद आतंकी मोहियुद्दीन पर हमला, रिसीन से बनाया था मारने का प्लान
ये भी पढ़ें:9/11 जैसा अटैक चाहता था उमर? मुजम्मिल से हुई थी अनबन; कैसे नाकाम हुए मंसूबे
ये भी पढ़ें:संदेह के घेरे में पाक और बांग्लादेश से डॉक्टरी कर आए युवा, एजेंसियों की पैनी नजर

मुजम्मिल शकील

यह भी फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवसिटी से जुड़ा डॉक्टर रहा है। इसने अन्य डॉक्टरों को मॉड्यूल में शामिल किया। जम्मू-कश्मीर के शोपियां के मौलवी इरफान अहमद ने सबसे पहले डॉ. मुजम्मिल शकील को ही गिरोह में शामिल किया। इसके बाद शकील ने आतंकी मॉड्यूल का विस्तार किया। इस पर विस्फोटक पहुंचाने से लेकर अल फलाह के अन्य छात्रों को कट्टरपंथी बनाने तक के आरोप हैं।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh
पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों से केबी उपनाम से पहचान रखने वाले कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह लोकमत, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। मूलरूप से यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में पत्रकारिता कर चुके हैं। लॉ और साइंस से ग्रेजुएट केबी ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमफिल किया है। वह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज , धर्म ज्योतिष , एजुकेशन न्यूज़ , राशिफल और पंचांग पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।