पाकिस्तान का कैमरा कांड; देश में छिपे कितने 'गद्दार', अब तक 21 गिरफ्तार
अब तक 21 ऐसे लोग पकड़े जा चुके हैं, जिनके तार पाकिस्तानी आकाओं के हाथ थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा भी बढ़ाई गई है।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस ने 'देश के गद्दारों' के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पड़ोसी और दुश्मन देश पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले तीन और लोगों की गिरफ्तारी की गई है। अब तक 21 ऐसे लोग पकड़े जा चुके हैं, जो संवेदनशील ठिकानों पर कैमरे लगाकर पाकिस्तान को गोपनीय जानकारी और रिकॉर्डिंग भेज रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा भी बढ़ाई गई है। मंगलवार को ही 6 आरोपियों को रिमांड भी पूरी हो रही है। गिरफ्तार आरोपियों के साथ इन्हें भी आज कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा।
कौशांबी थाना पुलिस ने 14 मार्च को एक महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके मोबाइल से सैन्य ठिकानों और संवेदनशील इलाकों के फोटो, वीडियो व लोकेशन मिली थी, जिसे आरोपी पाकिस्तान से चल रहे वॉट्सऐप ग्रुप में भेज रहे थे। 20 मार्च को 5 नाबालिग समेत 9 आरोपी और 22 मार्च महिला व नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार किए गए 3 कौन?
मंगलवार को पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों में से एक बिहार के भागलपुर में सोभापुर का मूलनिवासी एवं दिल्ली के चांदनी चौक में रहने वाले समीर उर्फ शूटर पुत्र शौकत अली, शामली के बाबरी में बुटराडा के रहने वाले समीर पुत्र शहजाद और शाहजहांपर के चटीया बहादरपुर का मूलनिवासी एवं भोवापुर में रहने वाले शिवराज को गिरफ्तार किया है।
हथियार के शौक से जासूसी तक
समीर उर्फ शूटर भारत में इस नेटवर्क के तीन मुख्य सदस्यों में से एक है। सुहेल मलिक उर्फ रोमियो व नौशाद अली पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे। 20 साल के समीर उर्फ शूटर ने पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले उसने हथियारों के साथ कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर डाले थे, जिसे देखकर सुहेल मलिक और नौशाद अली ने उससे संपर्क किया। इसके बाद उसे कई वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर देश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और सैन्य ठिकानों की रेकी का काम सौंपा गया। समीर फोटो और वीडियो खींचने के लिए एक विशेष ऐप का इस्तेमाल करता था, जिसके संचालन के लिए उसे बाकायदा ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई थी।
और लोग कैसे जुड़े
शामली के समीर ने बताया कि इंस्टाग्राम के जरिए नौशाद से जुड़ा था। वह पूर्व में गिरफ्तार आरोपी मीरा के साथ मिलकर मध्य प्रदेश से पिस्तौल की तस्करी में भी शामिल रहा है। वहीं, 18 वर्षीय आरोपी शिवराज ने बताया कि उसने साहिल के कहने पर सोनीपत में सीसीटीवी कैमरा लगाया था। इन कैमरों का एक्सेस पाकिस्तान में बैठे सरफराज उर्फ सरदार को दिया था। कैमरा लगाने के लिए उसे पांच हजार रुपये मिले थे। पुलिस अब इस चैन के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की पड़ताल कर रही है।
यूएपीए की धारा बढ़ाई गई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2), धारा 152 और शासकीय गुप्त बात अधिनियम की धारा 3/5 के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। ये धाराएं आपराधिक साजिश व देश की सुरक्षा एवं अखंडता के खिलाफ गतिविधियों (राजद्रोह) और जासूसी या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश जैसे गंभीर राष्ट्र-विरोधी कार्यों से संबंधित हैं। विवेचना के आधार पर पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 भी बढ़ाई है। यूएपीए की धारा 18 आतंकवादी कृत्यों की साजिश रचने, उकसाने, सलाह देने या उसे सुविधाजनक बनाने के लिए दंडित करती है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। यह धारा मुख्य रूप से योजना बनाने या तैयारी करने वाले व्यक्तियों पर लागू होती है।
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
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