'यह मोदी सरकार की हार है', सोनम वांगचुक को उठाने पर विपक्ष का हमला; किसने क्या कहा
शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को धरनास्थल से उठाने पर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। किसी ने इसे सरकार की हार बताया है तो किसी ने लोकतंत्र और संविधान पर हमला करार दिया है। वांगचुक सीजेपी की मांगों के समर्थन में पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शनों के समर्थन में पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पुलिस ने जहां वांगचुक की बिगड़ती सेहत और हाई कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया वहीं, सीजेपी ने उन्हें जबरदस्ती हटाने का आरोप लगाया। इस घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
यह तानाशाही हैः डिंपल यादव
विपक्षी दलों के नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इसे लोकतंत्र और संविधान पर हमला करार दिया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि बीजेपी सरकार अब शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भी बर्दाश्त नहीं कर सकती। यह तानाशाही है।
मोदी सरकार की हार हैः केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार को वांगचुक को जबरदस्ती हटाने के बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए थी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ऐसा अहंकार ठीक नहीं है। मोदी सरकार को सोनम वांगचुक को जबरदस्ती हटाने के बजाय उनसे बात करनी चाहिए थी। आंदोलन को कुचलने के बजाय देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार करना चाहिए। सोनम वांगचुक के साथ जबरदस्ती पेश आना मोदी सरकार की हार है।
लोकतांत्रिक विरोध को दबाने जैसाः आनंद गवांडे
एनसीपी (SP) के आनंद गवांडे ने कहा कि प्रदर्शन वाली जगह से वांगचुक को हटाना लोकतांत्रिक विरोध को दबाने जैसा है। उन्होंने कहा कि अगर इस सरकार को प्रदर्शनकारियों की परवाह होती तो वे जीडी अग्रवाल को मरने नहीं देते। अगर इस सरकार को प्रदर्शनकारियों की परवाह होती तो वे जंतर-मंतर पर अभी भी बैठे सैकड़ों लोगों से बातचीत शुरू करते। उन्होंने यह भी कहा कि 20 जुलाई को सीजेपी का संसद मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार ही होना चाहिए।
सरकार के कहने पर की गई कार्रवाईः प्रशांत भूषण
वकील प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने सरकार के कहने पर वांगचुक के खिलाफ कार्रवाई की। भूषण ने एक्स पर उन्होंने लिखा कि जैसा कि उम्मीद थी, दिल्ली पुलिस ने बिना किसी शक के सरकार के निर्देशों पर जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर जाकर सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाया।
दीपके का आरोप, पुलिस ने उन्हें पीटा
जब सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से ले जाया जा रहा था तो सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें पीटा और हिरासत में ले लिया। दीपके ने एक्स पर लिखा कि दिल्ली पुलिस ने मुझे पीटा और हिरासत में ले लिया है।एक और पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन पर सख्ती कर रही है और वहां लोगों को पीटा जा रहा है। बाद में दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की।
अस्पताल नहीं ले जाया जाना चाहिए थाः गीतंजलि
इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी ने कहा था कि उनकी सहमति के बिना उन्हें कोई मेडिकल इलाज नहीं दिया जाना चाहिए। उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि उन्हें अस्पताल नहीं ले जाया जाना चाहिए था। वह अभी उनके साथ सफदरजंग अस्पताल में हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे उनसे, उनके परिवार या उनके डॉक्टरों से सलाह लिए बिना उन्हें कोई दवा न दें।


