
ओल्ड गुरुग्राम से हर 5 मिनट में मिलेगी, 80 की रफ्तार से दौड़ेगी; यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के स्टेशन बनने के बाद यात्रियों को हर पांच मिनट के अंतराल पर मेट्रो उपलब्ध होगी, जिसकी अधिकतम रफ़्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और शुरुआत में तीन कोच वाली मेट्रो में 975 यात्री सफर कर सकेंगे, जबकि जीएमआरएल ने मेट्रो के संचालन के लिए 117 कोच का इंतजाम किया है।
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के स्टेशन बनने के बाद यात्रियों को हर पांच मिनट के अंतराल पर मेट्रो उपलब्ध होगी, जिसकी अधिकतम रफ़्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और शुरुआत में तीन कोच वाली मेट्रो में 975 यात्री सफर कर सकेंगे, जबकि जीएमआरएल ने मेट्रो के संचालन के लिए 117 कोच का इंतजाम किया है।

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के स्टेशन बनने के बाद हर यात्रियों को हर पांच मिनट के अंतराल पर पांच मेट्रो उपलब्ध होगी। वहीं, दावा किया जा रहा है कि इस नई मेट्रो की अधिकतम रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) मेट्रो को 90 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से डिजाइन कर रहा है। जीएमआरएल की तरफ से ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के तैयार डिजाइन के मुताबिक शुरुआत में तीन कोच लगाकर मेट्रो का संचालन किया जाएगा। इसमें एक बार में 975 यात्री सफर कर सकेंगे। इनमें 136 यात्रियों को सीट उपलब्ध होगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने के बाद इसको छह कोच किया जाएगा। इसमें 286 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। 2004 यात्री इसमें सफर कर सकेंगे। मेट्रो निर्माण से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इसकी बॉडी स्टेनलेस स्टील की होगी।
इसकी ऊंचाई 3.9 मीटर रखी जाएगी, जबकि चौड़ाई 2.9 मीटर रहेगी। जीएमआरएल की तरफ से मेट्रो संचालन के लिए 117 कोच का इंतजाम किया जाएगा। बता दें कि दिल्ली मेट्रो की अधिकतम रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन यह 32 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से दौड़ती है।
जीएमआरएल ने दूसरे चरण में भू तकनीकी सर्वे पूरा कर लिया है। दूसरे चरण में सेक्टर-नौ से लेकर डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो का संचालन होना है। करीब 13 किलोमीटर में भू तकनीकी सर्वे हुआ है। सेक्टर-पांच से रेलवे स्टेशन तक भू तकनीकी सर्वे को जल्द शुरू किया जाएगा। इस सर्वे के तहत पानी और मिट्टी के नमूने लेकर टेंडर के दस्तावेजों को तैयार किया जाएगा। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के निर्माण को लेकर मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से लेकर सुभाष चौक तक पेड़ों की कटाई का काम तेजी से शुरू हो गया है। सेक्टर-33 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में कास्टिंग यार्ड बनने के बाद मेट्रो का निर्माण तेज गति से शुरू हो जाएगा।
साइकिल ट्रैक को खत्म किया जाएगा
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के निर्माण के तहत जाम से बचने के लिए मिलेनियम सिटी सेंटर से लेकर सुभाष चौक तक साइकिल ट्रैक को खत्म किया जाएगा। आसपास लगते सेक्टरों के यातायात को सर्विस रोड पर चलाया जाएगा, जिसकी वजह से मुख्य सड़क पर यातायात जाम कम लगे। यह योजना जीएमडीए की तरफ से इस सड़क पर ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो का निर्माण कार्य शुरू होने के चलते तैयार की गई है। इस मुख्य सड़क के साथ दो लेन की सर्विस रोड को जीएमडीए ने तीन साल पहले तैयार किया था। बाद में जिला प्रशासन के आग्रह पर सर्विस रोड को साइकिल ट्रैक बना दिया गया। बैरियर लगाकर इसके ऊपर यातायात संचालन बंद कर दिया गया। हालांकि इसका विरोध आसपास लगते सेक्टर के निवासियों की तरफ से किया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कुछ जगह पर बेरीकेडिंग को हटाकर टैक्सी चालकों ने इस सर्विस रोड को टैक्सी स्टैंड में बदल दिया।
दूसरे चरण का भू तकनीकी सर्वे पूरा
मेट्रो डिपो की निर्माण लागत में संशोधन हुआ है। मौजूदा सर्वे के मुताबिक 332 करोड़ रुपये इसके निर्माण में लागत आएगी। पहले इसके निर्माण में करीब 110 करोड़ रुपये की लागत आनी थी। राइट्स के नए सर्वे के मुताबिक पहले मेट्रो डिपो को 5.5 हैक्टेयर जमीन में बनाने की योजना थी। अब 22.86 हैक्टेयर में बनाया जाएगा। पहले मेट्रो डिपो के अंदर छह किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाया जाना था, जो अब 18 किलोमीटर का बनाया जाएगा। बता दें कि मेट्रो डिपो का निर्माण सेक्टर-33 स्थित मार्बल मार्केट के समीप होना है। अभी तक मेट्रो डिपो निर्माण के लिए जमीन जीएमआएल को उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी है।





