काम की बात: ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के निर्माण में आड़े आ रहे 2 FOB हटेंगे, GMDA ने इन 2 शर्तों पर दी मंजूरी
Old Gurugram Metro : ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रूट की राह में रोड़ा बन रहे सेक्टर-नौ और 10 के दो फुटओवर ब्रिज को हटाने की मंजूरी जीएमआरएल को मिल गई है। इनके हटने से मेट्रो का काम तेज रफ्तार से चलेगा।

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के निर्माण के बीच में आ रहे दो फुट ओवरब्रिज (एफओबी) हटाए जाएंगे। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने इन दोनों एफओबी को हटाने की अनुमति गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) को दे दी है। अनुमति इस शर्त पर दी है कि इन्हें जीएमआरएल हटाएगा। मेट्रो निर्माण के बाद लोगों की सहूलियत के लिए इन एफओबी का निर्माण दोबारा किया जाएगा।
जीएमडीए ने उमंग भारद्वाज चौक से लेकर द्वारका एक्सप्रेसवे (सेक्टर-102 अंडरपास) तक सड़क के निर्माण का ठेका राम कुमार नामक ठेकेदार को सौंप था। इस ठेके में बसई तालाब और सेक्टर-10 स्थित एलपाइन स्कूल के पास दो एफओबी का निर्माण शामिल था। ठेकेदार कंपनी को अगले साल मार्च माह में सड़क और एफओबी के निर्माण में आ रही कमियों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी दी गई थी। जीएमआरएल ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के तहत सेक्टर-37 और बसई तालाब के पास मेट्रो स्टेशन के निर्माण की योजना बनाई है। अब यह दोनों एफओबी इनके निर्माण के बीच में आ रहे हैं। जीएमआरएल ने जीएमडीए से आग्रह किया था कि इन दोनों एफओबी को हटाकर उन्हें कब्जा सौंपा जाए। जीएमडीए ने इस मामले को मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा के समक्ष रखा था। मीणा से मंजूरी मिलने के बाद जीएमडीए ने अब शर्तों के आधार पर इन एफओबी को हटाने की जिम्मेदारी जीएमआरएल को सौंपी है।
एफओबी हटने के साथ निर्माण शुरू होगा
जीएमडीए की तरफ से मौजूदा समय में मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से लेकर उमंग भारद्वाज चौक तक ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो का निर्माण करवाया जा रहा है। उमंग भारद्वाज चौक से बसई चौक होते हुए सेक्टर-नौ के ईएसआई अस्पताल तक अभी तार फेंसिंग और पिलर खड़े करने का काम शुरू नहीं हो सका है। इन दोनों एफओबी के हटने के बाद इस हिस्से में भी ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो का निर्माण शुरू हो जाएगा।
खराब पड़े हैं एस्केलेटर
इन एफओबी के एस्केलेटर पिछले तीन साल से खराब पड़े हैं। स्थानीय निवासियों की तरफ से इस सिलसिले में जीएमडीए में शिकायत दी गई, लेकिन अधिकारियों के नोटिस के बावजूद ठेकेदार की तरफ से इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
बिजली केबल आ रही
हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक के बीच में बिजली तारों का जाल बिछा हुआ है। डीएचबीवीएन व एचवीपीएन को इन तारों को स्थानांतरित करवाकर डीएबीवीएन को रिपोर्ट दाखिल करनी है। इस सिलसिले में 31 दिसंबर की डेटलाइन दी है।
अमित गोदारा, कार्यकारी अभियंता, ''जीएमआरएल ने दो एफओबी हटाने का आग्रह किया था। उन्हें इसकी परमीशन दे दी है। जीएमआरएल की तरफ से अपने खर्चे पर इन एफओबी को हटवाया जाएगा।''


