ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए वर्ल्ड बैंक से मांगा 'मोटा' कर्ज, GMRL ने कितनी रकम का भेजा प्रस्ताव
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के निर्माण को लेकर गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने विश्व बैंक से ऋण मांगा है। पिछले सप्ताह दूसरे चरण के टेंडर दस्तावेज को विश्व बैंक के पास भेज दिया है। विश्व बैंक से मंजूरी मिलने में करीब एक महीने का वक्त लग सकता है। इसके बाद टेंडर जारी किया जाएगा।

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के निर्माण को लेकर गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने विश्व बैंक से ऋण मांगा है। पिछले सप्ताह दूसरे चरण के टेंडर दस्तावेज को विश्व बैंक के पास भेज दिया है। विश्व बैंक से मंजूरी मिलने में करीब एक महीने का वक्त लग सकता है। इसके बाद टेंडर जारी किया जाएगा।
पहले चरण में ये होगा रूट
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की लंबाई करीब 28.5 किमी है। जीएमआरए ने पिछले साल सितंबर माह में इस परियोजना के तहत पहले चरण का टेंडर करीब 1277 करोड़ रुपये में जारी कर दिया था। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से लेकर सेक्टर-नौ तक मेट्रो रूट तैयार होना है। दूसरे चरण में सेक्टर-नौ से लेकर डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो मार्ग को तैयार करना है। तीसरे चरण में सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो तैयार किया जाना है। सूत्रों की मानें तो जीएमआरएल ने इस परियोजना के तहत करीब 2880 करोड़ रुपये का ऋण विश्व बैंक से मांगा है।
अभी मेट्रो से नहीं जुड़ेगा रेलवे स्टेशन
जीएमआरएल ने सेक्टर-पांच से लेकर रेलवे स्टेशन तक मेट्रो निर्माण की योजना को ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में शामिल किया था। सूत्रों ने बताया कि दो किमी लंबे इस मेट्रो मार्ग को लेकर अभी सर्वे नहीं हुआ है। इसके चलते यदि इस मेट्रो मार्ग को इस परियोजना में शामिल किया जाता है तो विश्व बैंक से ऋण मिलने में देरी होगी। फिलहाल इस मेट्रो मार्ग को ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना से बाहर कर दिया है। भौंडसी से रेलवे स्टेशन तक अलग से मेट्रो लाइन तैयार की जाएगी।
यूरोपीय निवेश बैंक से मांगा था ऋण
सूत्रों के मुताबिक पिछले साल जीएमआरएल ने यूरोपीय निवेश बैंक (ईआईबी) से ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को लेकर 1613 करोड़ का ऋण मांगा था। मामले को वित्त मंत्रालय के अधीन आर्थिक कार्य विभाग के समक्ष भी रखा गया था। यूरोपीय निवेश बैंक से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के बाद इस ऋण को भी वर्ल्ड बैंक के समक्ष रखा गया है। मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष की अध्यक्षता में नवंबर माह में बैठक हुई थी। इसमें वर्ल्ड बैंक के समक्ष ऋण के लिए आवेदन करने का फैसला लिया गया था।
दूसरे चरण में कहां-कहां स्टेशन बनने हैं
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के दूसरे चरण में सेक्टर-सात, सेक्टर-चार, सेक्टर-पांच, रेलवे स्टेशन, अशोक विहार, सेक्टर-तीन, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए, सेक्टर-22 तक स्टेशन बनने हैं। वहीं, सेक्टर-22 से डीएलएफ साइबर सिटी तक जीएमआरएल ने मेट्रो मार्ग में बदलाव किया है। इसलिए तीन स्टेशन की जगह में बदलाव किया है।


