
गुरुग्राम मेट्रो पर बड़ा अपडेट, लोन न मिलने से अटका दूसरा चरण; टेंडर में हो रही देरी
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो का दूसरा चरण यूरोपीय निवेश बैंक से ऋण राशि की मंज़ूरी न मिलने और नमो भारत ट्रेन के साइबर सिटी स्टेशन की जगह तय न होने के कारण अटक गया है, जिससे टेंडर जारी करने में देरी हो रही है।
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो का दूसरा चरण ऋण राशि की मंजूरी न मिलने से अटक गया है। टेंडर जारी करने में देरी हो रही है। यह खुलासा गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की तरफ से तैयार रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में टेंडर में देरी की दूसरी वजह दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नमो भारत ट्रेन के साइबर सिटी स्टेशन की जगह तय न होने को भी बताया गया है।

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के दूसरे चरण के तहत जीएमआरएल ने सेक्टर-नौ से रेलवे रोड, पालम विहार रोड, सुशील ऐमा रोड होते हुए डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो का संचालन करना है। इसको लेकर यूरोपीय निवेश बैंक (ईआईबी) से करीब 1613 करोड़ रुपये के ऋण की मांग की गई है। वित्त मंत्रालय के अधीन आर्थिक कार्य विभाग (डीईए) के समक्ष इस मामले को रखा गया है। अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। मेट्रो निर्माण से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि यदि ईआईबी की तरफ से ऋण मंजूरी में देरी की जाती है तो मेट्रो परियोजना निर्धारित समय में पूरी नहीं होगी। ऐसे में विचार किया जा रहा है कि इस ऋण को लेने के लिए वर्ल्ड बैंक या एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक के समक्ष प्रस्ताव रखा जाए। मामले को आर्थिक कार्य विभाग के समक्ष रखकर इस तरफ कदम बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने शंकर चौक पर नमो भारत के साइबर सिटी स्टेशन को प्रस्तावित किया है, जिसके ऊपर एचएसआईआईडीसी ने ऐतराज जताया है। इसमें कहा है कि इस चौक के समीप रैपिड मेट्रो का स्टेशन है। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो का स्टेशन प्रस्तावित है। यदि नमो भारत ट्रेन का स्टेशन भी इस चौक के समीप बन जाता है तो दिल्ली-जयपुर हाइवे पर लंबा यातायात जाम लग सकता है। इससे वाहन चालकों को परेशानी होगी। एनसीआरटीसी से करीब 500 मीटर दूर सिरहौल बॉर्डर तक की तरफ नमो भारत ट्रेन का स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा है। अभी तक साइबर सिटी स्टेशन की जगह निर्धारित नहीं होने के कारण भी दूसरे चरण के तहत मेट्रो का टेंडर जारी करने में देरी हो रही है।
जलभराव को ध्यान में रखा जाएगा
मेट्रो रूट के निर्माण में जलभराव के स्थानों पर खासा ध्यान रखा जाएगा। पिलर खड़े करने के दौरान खासी सावधानी बरती जाएगी। इस सिलसिले में जीएमआरएल के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्रशेखर खरे की तरफ से निर्माणाधीन कंपनी को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सहायक सलाहकार कंपनी को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाएं, जिससे पहले चरण के निर्माण में किसी तरह की देरी नहीं आए। तीन साल के अंदर पहले चरण का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। बता दें कि बारिश के मौसम में मिलेनियम सिटी में जलभराव एक बड़ी समस्या है।
कहां तक पहुंचा पहले चरण का निर्माण
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण के तहत अगस्त माह में 1277 करोड़ रुपये में एक कंपनी को टेंडर आवंटित किया जा चुका है। इस कंपनी की तरफ से मेट्रो रूट की बैरिकेडिंग का काम शुरू कर दिया है। टेस्ट पाइलिंग का काम अंतिम चरण में है। सेक्टर-33 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में कास्टिंग यार्ड बनाया जा रहा है। दिसंबर की शुरुआत से मेट्रो का निर्माण तेज गति से शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल जीएमआरएल की तरफ से यातायात पुलिस, जीएमडीए और एचएसवीपी अधिकारियों से मुलाकात करके मेट्रो रूट पर वाहनों का डाइवर्जन करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के निर्माण की लागत करीब 1646 करोड़ रुपये बढ़ गई है। मौजूदा समय में मेट्रो के निर्माण में करीब 7098 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जबकि साल 2019 में तैयार डीपीआर के मुताबिक करीब 5452 करोड़ रुपये की लागत आनी थी।
हालांकि बढ़ी हुई राशि में सेक्टर-पांच मेट्रो स्टेशन से लेकर रेलवे स्टेशन तक करीब 1.80 किमी लंबी मेट्रो के हिस्से को शामिल नहीं किया है। जीएमआरएल के एक अधिकारी के मुताबिक साल 2019 में यह डीपीआर बनाई गई थी। पिछले छह साल में निर्माण सामग्री की कीमतों और निर्माण लागत में इजाफा हुआ है। पहले जीएसटी की दर 12 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने बताया कि पिछले महीने आयोजित जीएमआरएल बोर्ड की बैठक में इस मामले को रखा था। इसे प्राथमिक तौर पर मंजूरी प्रदान कर दी है। फिलहाल अभी आवास मंत्रालय के दिशा-निर्देशानुसार टेंडर लगाए जाएंगे। बाद में बढ़ी लागत की मंजूरी हरियाणा सरकार और मंत्रालय से ली जाएगी। उन्होंने बताया कि सेक्टर-पांच से रेलवे स्टेशन को जोड़ने के लिए अलग से करीब 454 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। इसे अलग से मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
दूसरे चरण में कहां-कहां स्टेशन बनेंगे
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से लेकर सेक्टर-नौ तक स्टेशन प्रस्तावित हैं। दूसरे चरण में सेक्टर-सात, सेक्टर-चार, सेक्टर-पांच, रेलवे स्टेशन, अशोक विहार, सेक्टर-तीन, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए, सेक्टर-22, उद्योग विहार फेज-चार, फेज-पांच और डीएलएफ साइबर सिटी में स्टेशन बनाए जाएंगे।





