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भयंकर भूकंप के झटके भी झेल पाएंगे पिलर, गुरुग्राम मेट्रो का बन रहा पावरफुल डिजाइन

भयंकर भूकंप के झटके भी झेल पाएंगे पिलर, गुरुग्राम मेट्रो का बन रहा पावरफुल डिजाइन

संक्षेप:

BIS द्वारा भूकंपीय जोन के नियमों में बदलाव के बाद गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड अब ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो का डिजाइन नए सिरे से तैयार करवा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के जोन-4 में अब जोन-5 के कड़े सुरक्षा मानकों को लागू किया जा रहा है।

Feb 12, 2026 09:16 am ISTAnubhav Shakya हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
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भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की तरफ से भूकंपीय क्षेत्र निर्धारण में बदलाव करने के चलते गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की तरफ से ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के निर्माण को लेकर नए सिरे से डिजाइन तैयार करवाने पड़ रहे हैं।

नए नियमों के तहत बनेगा प्रोजेक्ट

मेट्रो परियोजना को नए नियमों के तहत भूकंपरोधी बनाया जाएगा। बीआईएस ने पिछले साल नवंबर में भूकंपीय क्षेत्र निर्धारण के नियमों में बदलाव किया। एनसीआर क्षेत्र भूकंपीय जोन चार के अधीन आता है। जोन पांच के कुछ नियमों को जोन चार में शामिल किया है। इस बदलाव से जीएमआरएल की तरफ से पूर्व में मेट्रो की तरफ से तैयार डिजाइन बेकार हो गए। अब नए सिरे से डिजाइन तैयार हो रहे। जीएमआरएल अधिकारी ने बताया कि इसके लिए आवश्यक डिजाइनरों और योजनाकारों की संख्या बढ़ाई है।

प्रयास किया जा रहा है कि निर्माण की समय-सीमा प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि वे बीआईएस की तरफ से अधिसूचित भूकंपीय क्षेत्र पांच की विशिष्टताओं को पूरा करने के लिए मेट्रो रेल के स्तंभों, ढेरों, स्पैन और संरचनाओं के संपूर्ण संरचनात्मक डिजाइन को अद्यतन कर रहे हैं।

पिलर मजबूत बनाने पर जोर

जीएमआरएल अधिकारी ने बताया कि मेट्रो के पिलर और कंकरीट के इस्तेमाल को लेकर सभी डिजाइन नए नियमों के तहत बनवाए जा रहे हैं। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के दूसरे चरण में मेट्रो निर्माण का टेंडर भूकंपरोधी नियम के नए डिजाइन के तहत तैयार करवाकर लगाया जाएगा। मेट्रो की डिजाइन सलाहकार कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि नए मानकों को पूरा करने के लिए नए डिजाइन तत्वों को शामिल किया जा रहा है। इसमें गहरी बोरिंग, अधिक सुदृढ़ीकरण और संरचनाओं में अधिक मजबूती शामिल है। इसमें अधिक समय और संसाधन लगेंगे।

भूकंप आने पर भी कुछ नहीं होगा

सिग्नेचर ग्लोबल के स्ट्रक्चर्स विभाग के अध्यक्ष योगेश भसीन ने कहा कि नई भूकंपीय जोनिंग की अधिसूचना के बाद दिल्ली-एनसीआर को जोन पांच के मानकों को पूरा करना अनिवार्य हो गया है। जोन पांच के मानकों को पूरा करने का मतलब है कि रिक्टर स्केल पर 7 तीव्रता के भूकंप के लिए तैयार हैं। तेज भूंकप आने पर पिलरों को नुकसान नहीं होगा।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें
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