Hindi Newsएनसीआर NewsOfficials say car driver Umar Nabi had planned for December 6 strike
उमर 6 दिसंबर को करना चाहता था बड़ा हमला; धमाके वाली कार चला रहे आतंकी के बारे में हुआ नया खुलासा

उमर 6 दिसंबर को करना चाहता था बड़ा हमला; धमाके वाली कार चला रहे आतंकी के बारे में हुआ नया खुलासा

संक्षेप:

अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ ​​मुसैब के कमरे से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद होने के बाद उमर नबी की योजना नाकाम हो गई। जिसके बाद वह घबरा गया।

Nov 12, 2025 06:15 pm ISTSourabh Jain पीटीआई, नई दिल्ली
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दिल्ली में लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार को हुए ब्लास्ट के दौरान उस धमाके वाली कार को चला रहा डॉ उमर नबी के बारे में बुधवार को अधिकारियों ने एक नया खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उमर नबी ने आगामी 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के आसपास शहर में एक शक्तिशाली विस्फोट की योजना बनाई थी और इस बारे में उसने अपने साथियों को बताया था। अधिकारियों ने कहा कि उमर कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले आतंकी नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा था। उन्होंने यह खुलासा आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JEM) के फरीदाबाद स्थित अंतरराज्यीय व्हाइट कॉलर टेरर मॉडयूल से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार आठ आरोपियों के परिजनों, दोस्तों और पड़ोसियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर किया।

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अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ ​​मुसैब के कमरे से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद होने के बाद उमर नबी की योजना नाकाम हो गई। जिसके बाद वह घबरा गया था और उसने जल्दबाजी में लालकिला पर बिना किसी योजना के उस विस्फोट को अंजाम दे दिया।

28 वर्षीय डॉक्टर उमर नबी दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था। वह अकेला रहता था और उसका शैक्षणिक रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा था। अधिकारियों के अनुसार उसके बारे में माना जा रहा है कि वह 10 नवंबर को लाल किले पर हुए कार विस्फोट में मारे गए कुल 12 लोगों में से एक है। उन्होंने दावा किया कि उमर साल 2021 में डॉ मुज़म्मिल गनई के साथ तुर्किये की यात्रा पर गया था। गनई वही डॉक्टर है जो कि विस्फोटक सामग्री की बरामदगी को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से पहला था। अधिकारियों के अनुसार तुर्कीये से आने के बाद उसके अंदर नाटकीय बदलाव और कट्टरता आई। ऐसा माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान दोनों की मुलाकात प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय कार्यकर्ताओं से हुई थी।

तुर्किये से आने के बाद उमर ने कथित तौर पर गनई के साथ मिलकर अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर सहित अन्य विस्फोटक सामग्री इकट्ठा करना शुरू कर दिया था और उन्हें अल फलाह परिसर में और उसके आसपास जमा करना शुरू कर दिया था। वह फरीदाबाद के अल फलाह परिसर में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा था।

अधिकारियों के अनुसार, उमर ने दिसंबर में अपनी आतंकी योजना के बारे में दूसरों को बताया और 10 नवंबर को अपनी हुंडई i20 कार में विस्फोटक रखकर उसकी तैयारी शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि संभावना है कि वह इंटरनेट पर उपलब्ध खुले स्रोतों से वाहन-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (VBIED) के निर्माण और विस्फोट सर्किट के बारे में जानकारी लेने के बाद उसे असेंबल कर रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि उमर 10 नवंबर को उस समय घबरा गया होगा जब फरीदाबाद के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने टेलीविजन पर घोषणा की कि फरीदाबाद में 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद करके एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है। इस 2,900 किलोग्राम विस्फोटक में गनई के किराए के मकान से बरामद 360 किलोग्राम ज्वलनशील पदार्थ भी शामिल था।

जिसके बाद उमर ने शहर की एक मस्जिद में शरण ली, जहां वह सोमवार शाम को तीन घंटे तक रुका और फिर गाड़ी चलाकर निकल गया। इस दौरान शायद समय से पहले ही एक विस्फोट हो गया। अधिकारियों ने बताया कि VBIED भी अधूरा था, क्योंकि छर्रे अभी असेंबल नहीं किए गए थे।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से सात कश्मीर के हैं। ये हैं श्रीनगर के नौगाम से आरिफ निसार डार उर्फ ​​साहिल, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार उर्फ ​​शाहिद, शोपियां से मौलवी इरफान अहमद, गंदेरबल के वाकुरा इलाके से जमीर अहमद अहंगर उर्फ ​​मुतलाशा, पुलवामा के कोइल इलाके से डॉ. मुज़म्मिल अहमद गनई उर्फ ​​मुसैब और कुलगाम के वानपोरा इलाके से डॉ. अदील। जबकि डॉ. शाहीन सईद लखनऊ की है।

26 अक्टूबर को, उमर कश्मीर गया था और फरीदाबाद लौटने से पहले उसने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ कुछ समय बिताया। अधिकारियों ने बताया कि इस यात्रा के दौरान, उसने अपने करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों से कहा था कि वह अगले तीन महीनों तक उपलब्ध नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि बहुत संभव है कि वह VBIED लगाना चाहता था और फिर कुछ समय के लिए भूमिगत हो जाना चाहता था।

हालांकि, श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के एक मामले में श्रीनगर पुलिस की गहन जांच के बाद गनई की गिरफ़्तारी से उनकी यह योजना पूरी नहीं हो सकी। ये पोस्टर 19 अक्टूबर को शहर की दीवारों पर चिपकाए गए थे। यही जांच का शुरुआती बिंदु था। सीसीटीवी फुटेज में गनई और कुछ अन्य लोगों को इस कृत्य में शामिल दिखाया गया, जिसके बाद इस पूरे अंतर-राज्यीय आतंकी नेटवर्क का पर्दाफ़ाश हुआ।

Sourabh Jain

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