
दिल्ली से पड़ोसी राज्यों के लिए चलेंगी 50 एसी बसें, जानिए किन शहरों से हो सकती है शुरुआत
संक्षेप: अधिकारी ने बताया कि चार्जिंग की कमी के कारण मौजूदा अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बसें फिलहाल लगभग 245 से 250 किलोमीटर के रूट तक ही सीमित हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार अपने इलेक्ट्रिक बस बेड़े (फ्लीट) का विस्तार करने की भी तैयारी कर रही है।
दिल्ली से बसों के जरिए अन्य शहरों में जाने वाले लोगों को दिल्ली सरकार एक खुशखबरी देने जा रही है। सरकार जल्द ही अयोध्या, कटरा और उदयपुर जैसी जगहों के लिए अलग-अलग चरणों में 50 नई लग्जरी अंतर्राज्यीय एसी बसें शुरू करने वाली है। इस बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा कि ये बसें विशेष रूप से मध्यम से लंबी दूरी के रूटों के लिए डिजाइन की गई हैं और इनमें यात्रा करके लोगों को बेहद आरामदायक अनुभव मिलेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन बसों में इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हो सकती हैं।

अधिकारी ने बताया कि परिवहन विभाग अयोध्या (लखनऊ होते हुए 656 किमी), कटरा (684 किमी) और उदयपुर (660 किमी) जैसे प्रमुख स्थानों के लिए 50 प्रीमियम वोल्वो बसें शुरू करके लंबी दूरी की सार्वजनिक यात्रा को बदलने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में इन स्थानों के लिए बसें शुरू करने के बाद भविष्य में अन्य स्थानों के लिए भी इस तरह की बसें शुरू करने की सरकार की योजना है।
पीटीआई से बात करते हुए अधिकारी ने बताया कि आने वाले महीनों में इन वोल्वो बसों की शुरुआत होगी, इस दौरान पहले सीमित संख्या में बसें चलाई जाएंगी और फिर बाद में पूरे बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन बसों के रूट के बारे में बात करते हुए अधिकारी ने कहा, 'लंबे रूट की वजह से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में चुनौतियां पेश आती हैं, इसलिए फिलहाल योजना इतनी ही दूरी पर बसें चलाने की है जिसे आसानी से मैनेज किया जा सके।'
किराये के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा कि हालांकि इन बसों का सटीक किराया फिलहाल तय तो नहीं हुआ है, लेकिन यह तय है कि किराया निजी बस ऑपरेटरों द्वारा ली जाने वाली दरों से काफी कम होगा। इस बारे में एक वरिष्ठ परिवहन अधिकारी ने कहा, 'यात्रियों की सुविधा और किफ़ायतीपन इस परियोजना का मूलमंत्र होगा।'
अधिकारी ने आगे बताया कि चार्जिंग की कमी के कारण मौजूदा अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बसें फिलहाल लगभग 245 से 250 किलोमीटर के रूट तक ही सीमित हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार अपने इलेक्ट्रिक बस बेड़े (फ्लीट) का विस्तार करने की भी तैयारी कर रही है। साथ ही उसकी योजना राजधानी को ऋषिकेश, देहरादून, आगरा, बरेली और शिमला जैसे शहरों से जोड़ने वाले रूटों पर पड़ोसी राज्यों के लिए भी बस सेवाएं शुरू करने की योजना है।
इससे पहले दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की अंतरराज्यीय बस सेवा को 2010 में उस वक्त बड़ा झटका लगा था, जब सीएनजी में बदले जाने की वजह से उसकी इस बस सेवा को बंद करना पड़ा था। दरअसल अन्य राज्यों में सीएनजी की सीमित उपलब्धता के कारण बसों को सीएनजी नहीं मिल पा रही थी, जिससे उसका बस बेड़ा बंद हो गया था। जबकि उस वक्त तक किफायती किराए के कारण डीटीसी बसें अंतरराज्यीय यात्रा के लिए लोगों का पसंदीदा विकल्प हुआ करती थीं।





