2 घंटे तक फेंकते रहे पत्थर, 5 थानों की पुलिस बुलानी पड़ी, नूंह हिंसा की पूरी कहानी
आरोप है कि इसरा ने समय के भाई पर भी फावड़े से हमला कर दिया,जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। यह खबर गांव में तेजी से फैल गई और थोड़ी ही देर में सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जुट गए। गुस्से से भरी भीड़ में माहौल और भड़कने लगा।

फिरोजपुर झिरका के गांव मुड़ाका में गाड़ी हटाने को लेकर हुई हिंसक घटना में करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों तरफ से पथराव होता रहा। इस दौरान नूंह-अलवर नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। साथ ही इस हिंसक झड़प से हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र मे तनाव का माहौल है। स्वतंत्रता दिवस से पहले इस तरह के तनाव में पुलिस के साथ मौजिज व्यक्ति भी सभी से शांति की अपील कर रहे हैं।
फावड़े से हमला,भीड़ में बढ़ा गुस्सा
सिर पर चोट लगने के बाद समय सिंह ने अपने भाई को बुलाया, उम्मीद थी कि वह आकर स्थिति को शांत करेगा। लेकिन मौके पर पहुंचते ही झगड़ा और बढ़ गया। आरोप है कि इसरा ने समय के भाई पर भी फावड़े से हमला कर दिया,जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। यह खबर गांव में तेजी से फैल गई और थोड़ी ही देर में सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जुट गए। गुस्से से भरी भीड़ में माहौल और भड़कने लगा। दोनों ओर के लोग एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान न केवल परिवार के सदस्य बल्कि गांव के अन्य लोग भी इसमें शामिल हो गए,जिससे तनाव और बढ़ गया।
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि गांव मुंडाका बॉर्डर पर मंगलवार को गाड़ी खड़ी करने को लेकर झगड़ा हो गया। इस घटना में चार लोगों के चोट लगी थी,जिनको प्राथमिक चिकित्सा दिला दी गई है। सूचना मिलते ही तुरंत थाने की पुलिस पुलिस और प्रभारी मौके पर पहुंचे। नूंह पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को पूर्ण रूप से काबू किया। घायल होने वालों में चुन्नीलाल,गोपाल,लेखराज,वीर सिंह,फूलचंद,हंसराज,खुर्शीद,फरहान और शाहबाज शामिल हैं।
मामूली कहासुनी दो गांवों की लड़ाई में बदली
मामूली कहासुनी दो राज्यों के दो गांवों की लड़ाई में तब्दील हो गई। राजस्थान के हाजीपुर गांव और हरियाणा के मुंडका गांव के युवकों में कहासुनी हुई। हाजीपुर राजस्थान में आता है और मुंडका गांव हरियाणा में आता है। इसरा हाजीपुर गांव का युवक है और समय सिंह मुंडका गांव का निवासी है। दोनों गांव राजस्थान और हरियाणा की सीमा के आखिरी गांव है। इन गांवों का अड्डा मुंडका लगता है। जहां दोनों गांव के लोग खरीददारी के लिए आते हैं।
पांच थानों की पुलिस ने हालात संभाले
करीब डेढ़ घंटे तक पथराव और आगजनी का सिलसिला चलता रहा। शुरू में स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने आसपास के पांच थानों की पुलिस को बुलाया, जिनमें राजस्थान बॉर्डर के थाने की टीम भी शामिल थी। भारी पुलिस बल ने दोनों पक्षों को अलग किया और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया।
बाइक और दुकानों में आगजनी
तनाव इस हद तक बढ़ गया कि गुस्साई भीड़ इसरा के घर में घुस गई और वहां खड़ी उसकी बाइक को बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दिया। इसके बाद उसे पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जिससे बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गई। जवाब में इसरा के पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष की कुछ दुकानों में आग लगा दी। दुकानों में रखे सामान और ढांचे को भारी नुकसान हुआ, जिसकी कीमत हजारों रुपये आंकी जा रही है। आसपास के घरों के लोग डर के मारे अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद कर अंदर छिप गए।
मामूली कहासुनी दो गांवों की लड़ाई में बदली
मामूली कहासुनी दो राज्यों के दो गांवों की लड़ाई में तब्दील हो गई। राजस्थान के हाजीपुर गांव और हरियाणा के मुंडका गांव के युवकों में कहासुनी हुई। हाजीपुर राजस्थान में आता है और मुंडका गांव हरियाणा में आता है। इसरा हाजीपुर गांव का युवक है और समय सिंह मुंडका गांव का निवासी है। दोनों गांव राजस्थान और हरियाणा की सीमा के आखिरी गांव है। इन गांवों का अड्डा मुंडका लगता है। जहां दोनों गांव के लोग खरीददारी के लिए आते हैं।
पांच थानों की पुलिस ने हालात संभाले
करीब डेढ़ घंटे तक पथराव और आगजनी का सिलसिला चलता रहा। शुरू में स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया,लेकिन भीड़ किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने आसपास के पांच थानों की पुलिस को बुलाया, जिनमें राजस्थान बॉर्डर के थाने की टीम भी शामिल थी। भारी पुलिस बल ने दोनों पक्षों को अलग किया और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया।
बाइक और दुकानों में आगजनी
तनाव इस हद तक बढ़ गया कि गुस्साई भीड़ इसरा के घर में घुस गई और वहां खड़ी उसकी बाइक को बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दिया। इसके बाद उसे पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई,जिससे बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गई। जवाब में इसरा के पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष की कुछ दुकानों में आग लगा दी। दुकानों में रखे सामान और ढांचे को भारी नुकसान हुआ,जिसकी कीमत हजारों रुपये आंकी जा रही है। आसपास के घरों के लोग डर के मारे अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद कर अंदर छिप गए।


