
Nuh Ring Road : नूंह में 6 माह में बनेगा रिंग रोड, ये होगा रूट; कई गांवों और इलाकों तक फायदा
नूंह शहरवासियों के लिए नए साल की शुरुआत एक अच्छी खबर लेकर आ रही है। पीडब्ल्यूडी ने नूंह में रिंग रोड निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इससे जाम, दूरी और समय तीनों की समस्या कम होगी। छह माह में रिंग रोड का निर्माण पूरा किया जाएगा।
नूंह शहरवासियों के लिए नए साल की शुरुआत एक अच्छी खबर लेकर आ रही है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने नूंह में रिंग रोड निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इससे जाम, दूरी और समय तीनों की समस्या कम होगी। छह माह में रिंग रोड का निर्माण पूरा किया जाएगा।
नूंह में प्रस्तावित रिंग रोड नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रोड से शुरू होकर गांव खेड़ला के पास नूंह-अलवर नेशनल हाईवे तक बनाया जाएगा। यह रिंग रोड करीब 2.70 किलोमीटर लंबा होगा। इसके निर्माण से मेडिकल कॉलेज और अस्पताल जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी मरीजों और उनके परिजनों को शहर के भीड़भाड़ वाले मुख्य मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे समय ज्यादा लगता है। रिंग रोड बनने के बाद अस्पताल पहुंचने का रास्ता सीधा और छोटा हो जाएगा। रोजाना एक हजार से अधिक मरीज नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में यह सड़क स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लोक निर्माण विभाग इस रिंग रोड का निर्माण करेगा। विभाग के अधिकारियों के अनुसार इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना को पूरा करने के लिए 6 महीने का समय निर्धारित किया गया है। सड़क निर्माण के लिए आवश्यक जमीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
अलवर जाने वालों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा
इस रिंग रोड के बनने से तावडू और भिवाड़ी की ओर से आने वाले लोग नूंह शहर में प्रवेश किए बिना सीधे अलवर जा सकेंगे। वहीं अलवर से तावडू और भिवाड़ी जाने वाले वाहनों को भी शहर की भीड़ से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे नूंह के मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा। खासकर भारी वाहनों के लिए यह मार्ग काफी उपयोगी साबित होगा।
मुख्य मार्ग पर जाम से निजात मिलेगी
अभी नूंह के मुख्य मार्ग नूंह-अलवर हाईवे पर वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है। बस अड्डा, अड़बर चौक से लेकर शहीदी तिरंगा पार्क तक कई बार लंबा जाम लग जाता है। सड़क किनारे अतिक्रमण भी जाम की बड़ी वजह है। रिंग रोड बनने के बाद भारी वाहन शहर के अंदर नहीं आएंगे, जिससे ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।





