
दिल्ली धमाके के बाद नूंह प्रशासन सतर्क, मस्जिद-मदरसों में ठहरने वालों की देनी होगी जानकारी
दिल्ली धमाके के मद्देनजर नूंह जिला प्रशासन ने धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर फैसला लिया है कि अब मस्जिद और मदरसों में ठहरने वाले बाहरी लोगों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और उनकी पहचान का सत्यापन स्थानीय पुलिस से कराना अनिवार्य होगा।
दिल्ली धमाके के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। मस्जिद-मदरसों में ठहरने वाले बाहरी लोगों का अब रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जिसकी जांच स्थानीय थाने की पुलिस भी करेगी। मंगलवार को जिला प्रशासन के साथ मदरसों और मस्जिदों के धर्मगुरुओं के साथ हुई बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में उपायुक्त अखिल पिलानी, पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा प्रशासन ने नशा, साइबर अपराध और अफवाहों के खिलाफ समाज से सहयोग की भी अपील की।
पढ़ाई से छूट रहे बच्चों को स्कूल भेजा जाएगा
उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि लक्ष्य नूंह को पिछड़े जिलों की सूची से निकालना और विकासशील जिलों में शामिल करना है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धर्मगुरु समाज में प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं, इसलिए वे स्कूलों से ड्रॉपआउट रोकने, युवाओं को शिक्षित करने और सकारात्मक दिशा देने में प्रशासन के साथ सहयोग करें। उन्होंने बताया कि मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग चलाई जा रही है और अधिक से अधिक बच्चे इसका लाभ लें। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द और भाईचारा मजबूत होने पर ही जिले की छवि और दिशा बदलेगी।
धार्मिक स्थलों के बाहर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने कहा कि अब मस्जिदों और मदरसों में ठहरने वाले बाहरी लोगों की पूरी जानकारी पुलिस को देनी होगी। पहचान सत्यापन नजदीकी थाने में करवाना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक स्थलों के मुख्य प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे, जिससे सुरक्षा और निगरानी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह, भड़काऊ सामग्री या गलत सूचना साझा करना अपराध है और इससे जिले का माहौल बिगड़ सकता है।
नशे और अपराध से युवाओं को बचाने की अपील
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा और साइबर अपराध तेजी से गांवों में फैल रहे हैं और इन्हें रोकने में समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि नशे के शिकार युवाओं का नल्हड़ मेडिकल कॉलेज और सिविल अस्पताल में निःशुल्क इलाज और काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर काम करें तो जिले में अपराध कम होगा और नूंह अच्छे कामों के लिए पहचाना जाएगा। बैठक में डीएसपी पृथ्वी सिंह और जिले के कई धर्मगुरु उपस्थित रहे।





