NRI डॉक्टर कपल 14.85 करोड़ फ्रॉड व ‘डिजिटल अरेस्ट’ केस में पुलिस को कामयाबी, गुजरात से 2 दबोचे
दिल्ली पुलिस ने बुजुर्ग एनआरआई डॉक्टर दंपती को दो हफ्ते से अधिक समय तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर 14.85 करोड़ रुपये ठगने के आरोपी दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान दिव्यांग पटेल (28) और कृतिक शितोले (26) के रूप में हुई है।

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में बुजुर्ग एनआरआई डॉक्टर दंपती को दो हफ्ते से अधिक समय तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर 14.85 करोड़ रुपये ठगने के आरोपी दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान दिव्यांग पटेल (28) और कृतिक शितोले (26) के रूप में हुई है, जो गुजरात के रहने वाले हैं। दोनों को गुरुवार को वडोदरा से गिरफ्तार किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि बाद में दिल्ली की एक अदालत ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया। यह मामला साइबर फ्रॉड से संबंधित है, जिसमें ग्रेटर कैलाश में रहने वाले एक बुजुर्ग डॉक्टर दंपती को आरोपियों द्वारा कथित तौर पर 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया और उन्हें बड़ी रकम हस्तांतरित करने के लिए मजबूर किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि पिछले साल 29 दिसंबर को 14.85 करोड़ रुपये में से करीब 4 करोड़ रुपये एक ऐसे बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए, जो दिव्यांग पटेल द्वारा संचालित एनजीओ के नाम पर रजिस्टर्ड था।
कई खातों में ट्रांसफर की रकम
पुलिस ने बताया कि बाद में उन्होंने पकड़े जाने से बचने के लिए रकम को कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। जांच में पता चला कि यह एनजीओ फर्जी था और इसका कोई धर्मार्थ कार्य नहीं था।
पुलिस के अनुसार, दिव्यांग पटेल ने कमीशन के बदले में जालसाजों को एनजीओ के बैंक खाते का उपयोग करने की अनुमति दी थी। अन्य आरोपी कृतिक शितोले ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दिव्यांग पटेल और नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद की।
गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने के प्रयास
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि अपराध से प्राप्त राशि कई राज्यों में बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और शेष राशि का पता लगाने के लिए जांच जारी है।



