NRI डॉक्टर कपल 14.85 करोड़ फ्रॉड व ‘डिजिटल अरेस्ट’ केस में पुलिस को कामयाबी, गुजरात से 2 दबोचे

Jan 18, 2026 11:12 am ISTPraveen Sharma नई दिल्ली, भाषा
share Share
Follow Us on

दिल्ली पुलिस ने बुजुर्ग एनआरआई डॉक्टर दंपती को दो हफ्ते से अधिक समय तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर 14.85 करोड़ रुपये ठगने के आरोपी दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान दिव्यांग पटेल (28) और कृतिक शितोले (26) के रूप में हुई है।

NRI डॉक्टर कपल 14.85 करोड़ फ्रॉड व ‘डिजिटल अरेस्ट’ केस में पुलिस को कामयाबी, गुजरात से 2 दबोचे

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में बुजुर्ग एनआरआई डॉक्टर दंपती को दो हफ्ते से अधिक समय तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर 14.85 करोड़ रुपये ठगने के आरोपी दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान दिव्यांग पटेल (28) और कृतिक शितोले (26) के रूप में हुई है, जो गुजरात के रहने वाले हैं। दोनों को गुरुवार को वडोदरा से गिरफ्तार किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि बाद में दिल्ली की एक अदालत ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया। यह मामला साइबर फ्रॉड से संबंधित है, जिसमें ग्रेटर कैलाश में रहने वाले एक बुजुर्ग डॉक्टर दंपती को आरोपियों द्वारा कथित तौर पर 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया और उन्हें बड़ी रकम हस्तांतरित करने के लिए मजबूर किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि पिछले साल 29 दिसंबर को 14.85 करोड़ रुपये में से करीब 4 करोड़ रुपये एक ऐसे बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए, जो दिव्यांग पटेल द्वारा संचालित एनजीओ के नाम पर रजिस्टर्ड था।

कई खातों में ट्रांसफर की रकम

पुलिस ने बताया कि बाद में उन्होंने पकड़े जाने से बचने के लिए रकम को कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। जांच में पता चला कि यह एनजीओ फर्जी था और इसका कोई धर्मार्थ कार्य नहीं था।

पुलिस के अनुसार, दिव्यांग पटेल ने कमीशन के बदले में जालसाजों को एनजीओ के बैंक खाते का उपयोग करने की अनुमति दी थी। अन्य आरोपी कृतिक शितोले ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दिव्यांग पटेल और नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद की।

गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने के प्रयास

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि अपराध से प्राप्त राशि कई राज्यों में बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और शेष राशि का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें