
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन
नोएडा में युवाओं ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया। सेक्टर-21 से सेक्टर-19 तक मार्च किया गया और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। जेवर क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया और कहा कि नए नियम सवर्ण समाज का शोषण कर रहे हैं। विरोध जारी रखने की चेतावनी दी गई।
नोएडा, संवाददाता। यूजीसी के नए नियमों के विरोध युवाओं ने गुरुवार को प्रदर्शन कर सेक्टर-21 के नोएडा स्टेडियम से सेक्टर-19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। मार्च के दौरान हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया गया। सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर नियमों को वापस लेने की मांग की गई। मार्च में यूजीसी नए नियमों को वापस लो के नारे भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान दीपांशु शर्मा, हैप्पी पंडित, साधना शर्मा सहित बड़ी संख्या में युवा मौजुद रहे। इसके अलावा नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से पीएम मोदी को ज्ञापन भेजकर यूजीसी के नए नियमों पर आपत्ति जताई।
इस मौके पर फोरम की संरक्षक इंद्राणी मुखर्जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष चक्रधर मिश्रा, सचिव गरिमा त्रिपाठी और सहायक विधि सचिव कमल कौशिक मौजूद रहीं। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में इस्तीफा दिया ग्रेटर नोएडा, कार्यालय संवाददाता। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में गुरुवार को जेवर क्षेत्र के पांच बूथ अध्यक्ष और एक शक्ति केंद्र प्रभारी ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष के नाम अपना इस्तीफा भेजा। अन्य पदाधिकारियों ने भी इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। बूथ अध्यक्ष और शक्ति केंद्र प्रभारी ने जिलाध्यक्ष को भेजे सामूहिक इस्तीफा पत्र में लिखा कि यूजीसी अधिनियम में सवर्ण समाज का शोषण करने वाला और अत्याचार करने वाला दर्शाया गया है। इससे लोगों में भारी नाराजगी है। वहीं, सवर्ण समाज के अन्य लोगों का कहना है कि जब तक नए अधिनियम को वापस नहीं लिया जाएगा, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

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