सड़क न होने से पेट्रोल पंप के 75 फीसदी आवेदन निरस्त

हिन्दुस्तान, नोएडा
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यीडा क्षेत्र में बफर जोन के बाहर 18 मीटर चौड़ी सड़क न होने के कारण 75 प्रतिशत से अधिक पेट्रोल पंप आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। फेज-2 के तीनों जिलों में केवल 2 आवेदनों को स्वीकृति मिली जबकि 39 निरस्त हुए हैं। बफर जोन की परिभाषा और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अनापत्ति पत्र की प्रक्रिया भी स्पष्ट की गई है।

सड़क न होने से पेट्रोल पंप के 75 फीसदी आवेदन निरस्त

ग्रेटर नोएडा, आशीष धामा। यीडा क्षेत्र में बफर जोन के बाहर 18 मीटर चौड़ी सड़क न होना सुविधा विकसित करने में रोड़ा बन गई है। इसके चलते यीडा ने बफर जोन के बाहर पेट्रोल पंप के लिए प्राप्त 75 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को निरस्त कर दिया है, जिससे क्षेत्र में सुविधाओं के विकास पर ब्रेक लग गया। फेज-2 के तीनों जिले से पेट्रोल पंप के लिए प्राप्त कुल 52 आवेदन में दो स्वीकृत किए, जबकि 11 प्रक्रिया में हैं। शेष 39 निरस्त हो गए हैं। दरअसल, यमुना विकास प्राधिकरण के अंतर्गत छह जिले आते हैं। इनमें गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर फेज-1 में हैं, जबकि अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा फेज-2 में शामिल हैं। अभी तक यीडा फेज-2 में विकास की कोई ठोस शुरुआत नहीं कर पाया, जिसका सीधा असर यहां के किसानों पर पड़ा हैं। उन्हें अधिसूचित भूमि पर खेती किसानी करने और भूमि की खरीद फरोख्त करने की तो अनुमति है, लेकिन जमीन पर किसी तरह का उद्योग नहीं लगा सकते हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए यीडा ने विगत वर्ष मास्टर प्लान के बाहर का 5 किलोमीटर क्षेत्र बफर जोन घोषित किया था। किसानों को बफर जोन के बाहर चार श्रेणियों में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अनापत्ति पत्र जारी करने का प्रस्ताव बोर्ड से भी पास कराया था। प्रस्ताव की किसानों ने सरहाना की और आवेदन भी किए। प्राधिकरण के अनुसार मथुरा में सबसे अधिक 40 किसानों ने पेट्रोल पंप लगाने के लिए आवेदन किया, इनमें 8 आवेदन प्रक्रिया में है, जबकि एक स्वीकृत हो चुका है। शेष 31 निरस्त कर दिए गए। इसी तरह से अलीगढ़ में सात किसानों ने आवेदन किए, इनमें भी एक स्वीकृत कर लिया गया और 6 निरस्त कर दिए। वहीं, हाथरस में कुल पांच आवेदन प्राप्त हुए, इनमें तीन प्रक्रिया में है, जबकि दो निरस्त कर दिए। निरस्तीकरण का कारण पेट्रोल पंप के लिए 18 मीटर चौड़ी सड़क न होना व गतिविधि बफर जोन में होना बताया गया है。

यह है बफर जोन की परिभाषा

प्राधिकरण द्वारा नियोजित नगर और अन्य क्षेत्रों के बीच के संक्रमण क्षेत्र को बफर जोन कहते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनियोजित विकास, योजना के तहत विकसित क्षेत्रों को प्रभावित न करें। यीडा ने इसे 5 किलोमीटर रेडियस में तय किया है, जो मास्टर प्लान के बाहर रहेगा। इस पांच किलोमीटर क्षेत्र में किसी प्रका की गतिविधि के लिए अनापत्ति नहीं दी जाएगी। यह क्षेत्र प्राधिकरण के नियोजित शहर के भविष्य में विस्तार के लिए आरक्षित होगा, जबकि बफर जोन के बाहर के क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि की जा सकती है, लेकिन इसके लिए पहले यीडा से अनापत्ति लेनी होगी।

बफर जोन के बाहर यह गतिविधियां होंगी

- पेट्रोल पंप

- गैस गोदाम

- कोल्ड स्टोरेज

- फल व सब्जी बाजार

बफर जोन के बाहर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पेट्रोल पंप के 52 आवेदन प्राप्त हुए, इनमें 39 आवेदन निरस्त कर दिए। निरस्तीकरण का कारण पंप के लिए मौके पर 18 मीटर चौड़ी सड़क न होना व क्षेत्र बफर जोन के अंदर होना रहा।

- शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ यीडा

सामान्य प्रश्न

यीडा ने कितने पेट्रोल पंप आवेदनों को निरस्त किया है?
यीडा ने बफर जोन के बाहर पेट्रोल पंप के लिए प्राप्त 75 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को निरस्त कर दिया है।
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