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यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में दहशत

यमुना का जलस्तर जैसे-जैसे बढ़ रहा है किनारे बसे ग्रेटर नोएडा के आधा दर्जन गांवों के लोग दहशत में हैं। इन गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। ये सभी गांव वर्ष 1978 में बाढ़ का कहर झेल चुके हैं।बीते दो दिनों से यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गनीमत यह है कि हिन्डन का जलस्तर नहीं बढ़ा है। करीब सात साल पहले दोनों नदी का जलस्तर बढ़ गया था यमुना का पानी हिन्डन नदी में वापस लौटने लगा था, जिससे घरबरा गांव के पास कोट कैनाल से होते हुए पानी गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंच गया था। अभी भी कुछ ऐसे ही हालात बनते जा रहे हैं , जिससे यमुना नदी के किनारे बसे गांवों के लोग रात में सो नहीं पा रहे हैं। इन लोगों को गांवों में नदी का पानी घुसने का खतरा बना हुआ है। ग्रेटर नोएडा में वर्ष 1978 में भयंकर बाढ़ आई थी। नोएडा व ग्रेटर नोएडा के करीब दो दर्जन गांव डूब गए थे। कुलेसरा से लेकर दनकौर के अट्टा नौरंगपुर तक पानी ही पानी फैल गया था। लोगों को अपने मवेशियों को लेकर दादरी और दनकौर कस्बों में शरण लेनी पड़ी थी। इन गांवों के बुजुर्ग आज भी बाढ़ के दिनों को याद कर उस समय के मंजर को लेकर घबरा जाते हैं।इन गांवों में खतराग्रेटर नोएडा के घरबरा, मोमनाथल, मंझावली, जगनपुर, अफजलपुर व नौरंगपुर गांव यमुना नदी के नजदीक बसे हैं।

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  • Web Title:Yamuna water level rise due to panic in many villages