
औद्योगिक पार्कों में बड़ी कंपनियां लाने की तैयारी
यमुना प्राधिकरण ने यमुना सिटी में 5 बड़े पार्क विकसित करने की योजना बनाई है। अब तक 1049 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जिनमें से 336 आवंटियों ने कब्जा ले लिया है। प्राधिकरण विभिन्न औद्योगिक पार्कों में एंकर यूनिट स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इन पार्कों का संचालन दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य है।
यमुना प्राधिकरण कार्ययोजना बनाने में जुटा, अब तक 1049 भूखंड आवंटित हो चुके, 336 आवंटियों को कब्जा दिया गया नंबर गेम 05 बड़े पार्क यमुना सिटी में प्राधिकरण विकसित कर रहा ग्रेटर नोएडा, वरिष्ठ संवाददाता। यमुना सिटी में मेडिकल डिवाइस पार्क के बाद अब चार अन्य बड़े औद्योगिक पार्कों में एंकर यूनिट (बड़ी कंपनियां) लगाने की तैयारी है। प्रत्येक पार्क में बड़ी कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए प्राधिकरण कार्ययोजना तैयार कर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारी ने बताया कि शहर में मेडिकल डिवाइस पार्क, हस्तशिल्प, टॉय, अपैरल और एमएसएमई पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
प्राधिकरण यहां जमीन अधिग्रहण कर भूखंड आवंटित कर रहा है। इन सभी पार्कों में अब तक 1049 भूखंड आवंटित हो चुके हैं। इनमें से 336 आवंटियों ने भूखंडों पर कब्जा ले लिया है। हाल ही में प्राधिकरण ने मेडिकल डिवाइस पार्क में कैंसर की एंकर यूनिट लगाने के लिए बेंगलुरु का दौरा किया था। यहां कंपनियों को क्षेत्र में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया गया। कई कंपनियों ने रुचि दिखाई थी। दिसंबर में वह दौरा करने के लिए यमुना सिटी पहुंचेंगी। अब इसी तरह से अन्य पार्कों में भी बड़ी कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए प्राधिकरण कार्य योजना तैयार कर रहा है, ताकि प्रत्येक पार्क में एक एंकर यूनिट स्थापित की जा सके। --- यह है एंकर यूनिट एंकर यूनिट उस मुख्य इकाई को कहा जाता है, जो किसी औद्योगिक क्षेत्र, व्यापार पार्क, या व्यावसायिक परिसर में मुख्य भूमिका निभाती है और बाकी छोटे व्यवसायों या इकाइयों के लिए आकर्षण का केंद्र होती है। उदाहरण के लिए, एक बड़े शॉपिंग मॉल में अगर कोई प्रमुख सुपरमार्केट या ब्रांड स्टोर है, तो वह एंकर यूनिट कहलाता है। इसकी उपस्थिति से बाकी छोटे दुकानदारों को भी ग्राहक मिलते हैं, क्योंकि बड़े ब्रांड या स्थापित इकाइयां खुद एक प्रकार का ट्रैफिक जेनरेटर होती हैं। --- दिसंबर 2026 तक संचालन का लक्ष्य प्राधिकरण ने इन सभी पार्कों को शुरू करने के लिए दिसंबर 2026 का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रत्येक पार्क का नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। मेडिकल डिवाइस पार्क की जिम्मेदारी एसडीएम कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, एमएसएमई पार्क के लिए डिप्टी कलेक्टर अजय कुमार शर्मा, हस्तशिल्प पार्क की विशेष कार्यकारी अधिकारी शिव अवतार सिंह, अपैरल की शैलेंद्र कुमार सिंह और टॉय पार्क की जिम्मेदारी उप जिलाधिकारी अभिषेक शाही को सौंपी है। जो अपने अपने पार्कों में जमीन की उपलब्धता समेत मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने पर जोर देंगे। --- शहर के पांचों औद्योगिक पार्कों का विवरण पार्क- क्षेत्रफल- आवंटन- रजिस्ट्री- कब्जा- मैप- निर्माणाधीन- निर्मित सेक्टर- 28 एमडीपी- 350 एकड़- 88- 48- 34- 10- 7- 1 सेक्टर-29 हस्तशिल्प- 123 एकड़- 171- 75- 50- 8- 3- - सेक्टर-29 एमएसएमई- 288 एकड़- 503- 227- 123- 33- - - सेक्टर-29 अपैरल पार्क- 175 एकड़- 147- 97- 71- 29- 13- - सेक्टर-33 टॉय पार्क- 100 एकड़- 140- 84- 58- 10- 2- 1 --- कोट: शहर में पांच बड़े पार्क विकसित हो रहे हैं। इन सभी पार्कों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए एंकर यूनिट स्थापित करने पर विचार है। एमडीपी के लिए कई कंपनियों से बातचीत चल रही है। अब अन्य शेष पार्कों के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। - आरके सिंह, सीईओ, यमुना विकास प्राधिकरण

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