प्रधानमंत्री पर टिप्पणी करने वाली युवती ने फर्जी नाम बताया
नोएडा, रवि प्रकाश सिंह रैकवार । जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद

नोएडा, वरिष्ठ संवाददाता। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद चर्चा में आई रुचिका सिंह को लेकर नए दावे सामने आए हैं। जिस सैलून में उसके काम करने की बात सोशल मीडिया पर कही जा रही थी, उसके संचालक ने दावा किया है कि युवती ने सैलून में अपना वास्तविक नाम नहीं बताया था। संचालक के अनुसार युवती ने अपना नाम मानसिल जैन बताया और कई बार कहने के बावजूद पहचान के लिए आधार कार्ड उपलब्ध नहीं कराया। वह करीब दस दिन तक नेल आर्ट का प्रशिक्षण लेने आई और फिर अचानक आना बंद कर दिया।
दावा है कि वह युवती न तो नीट की छात्रा थी और न ही अधिक पढ़ी-लिखी थी।प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में रुचिका सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। केस नोएडा में रहने वाली अधिवक्ता की ओर से यह केस दर्ज कराया गया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर उसके संबंध में विभिन्न तरह की जानकारियां साझा की जाने लगीं। इन्हीं दावों के बीच संबंधित सैलून संचालक का बयान भी सामने आया है। सैलून संचालक के मुताबिक करीब एक माह पहले युवती अंतिम बार उनके प्रतिष्ठान पर आई थी। प्रशिक्षण के दौरान जब उससे पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे गए तो उसने हर बार कोई न कोई बहाना बना दिया। कई बार कहने के बावजूद उसने आधार कार्ड जमा नहीं किया। संचालक का कहना है कि बाद में वह अचानक सैलून आना बंद कर गई। अब जब उसका नाम विवादों में सामने आया तो उन्हें अहसास हुआ कि जिस नाम से वह परिचित थी, वह वास्तविक नहीं था। सैलून संचालक ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर युवती को नीट की छात्रा बताए जाने की बात सही नहीं है। उनके अनुसार, बातचीत और व्यवहार से ऐसा नहीं लगा कि वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। उधर, इस पूरे घटनाक्रम पर कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने रुचिका सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना उचित नहीं है। यदि अभद्र टिप्पणियों पर कार्रवाई हो रही है तो विभिन्न राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं द्वारा महिलाओं के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की भी जांच होनी चाहिए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले से जुड़ी अपुष्ट जानकारियों और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को बिना सत्यापन साझा न करें।
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