आज पूरी दुनिया बदलाव के दौर से गुजर रही है : ब्रजेश पाठक
ग्रेटर नोएडा, सीएल मौर्य। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज पूरी

ग्रेटर नोएडा, कार्यालय संवाददाता। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज पूरी दुनिया बदलाव के दौर से गुजर रही है। देश के युवा शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण से लेकर हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। दुनिया की अपेक्षा भारत सबसे अधिक युवाओं का देश है। ऐसे में हमारा लक्ष्य नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना होना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शनिवार को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में नमस्कार फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य सृजनकर्ता सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर को सम्मानित किया गया। ब्रजेश पाठक ने पुराने समय का जिक्र करते हुए कहा कि गुरुओं ने वेद पुराण कंठस्थ करने की दक्षिणी मांगी, लेकिन आज के शिक्षण संस्थान पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर अतिरिक्त बोझ डालकर फैक्टरियों के लिए आधुनिक व्यवस्था की मशीन बना रहे हैं। सोशल मीडिया इन्फुंसर्स को देखकर आने वाली पीढ़ी आगे बढ़ेगी। नौकरी करने वालों से ज्यादा कमाई करेंगे.
युवाओं से आह्वान
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़कर वैदिक ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का समन्वय करें, तभी भारत विश्व गुरु की भूमिका निभा सकेगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिक्षा, संस्कृति, साहित्य, कला, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, कृषि, पर्यटन, स्वास्थ्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
प्रतिभा और नवाचार का प्रदेश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज प्रतिभा, नवाचार और युवा शक्ति का अग्रणी प्रदेश बनकर उभर रहा है। ऐसे सम्मान समारोह युवाओं की सृजनात्मक क्षमता को नई दिशा प्रदान करते हैं, तथा उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक अभिषेक सिंह, जीएनआईओटी के अध्यक्ष राजेश गुप्ता, संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह, नमस्कार फाउंडेशन के अध्यक्ष नवनीत शर्मा, सचिव उत्कर्ष नामे वत्सल मिश्र आदि मौजूद रहे।
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