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2 नवंबर, 2020|7:25|IST

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फर्जी लोन कराने में बैंक मैनेजर सहित तीन गिरफ्तार

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शिकंजा

सेक्टर-58 थाना पुलिस ने लेबर चौक सेक्टर-58 से पकड़े आरोपी

228 लोगों के बैंक लोन कागजात व तीन मोबाइल बरामद

नोएडा। संवाददाता

फर्जी दस्तावेजों से फर्जी लोन करने वाले प्राइवेट बैंक के ब्रांच मैनेजर, सैल्स मैनेजर और फील्ड अफसर को सेक्टर-58 थाना पुलिस ने रविवार को लेबर चौक सेक्टर-58 से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 228 लोगों के बैंक लोन दस्तावेज और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। अभी तक की जांच में लगभग 11 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।

एसीपी-2 रजनीश वर्मा के अनुसार शनिवार को एचडीबी फाइनेंस लिमिटेड के रिजनल रिस्क कॉन्टेक्स मैनेजर धलवन्त सिंह राठौर ने सेक्टर-58 थाने में कुछ कर्मचारियों द्वारा फर्जी लोन कराने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने रविवार को सूचना के आधार पर सेक्टर-58 लैबर चौक से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी बलराम नगर लोनी गाजियाबाद निवासी निरज शर्मा, जटवाड़ा गाजियाबाद निवासी दीपक कुमार और अतराडा, खरखौदा मेरठ निवासी अंकित त्यागी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी सेक्टर-58 स्थित एचडीबी फाईनेशियर लि. में अंकित त्यागी सेल्स आफिसर, नीरज शर्मा ब्रांच मैनेजर और दीपक कुमार फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।

आरोपियों के पास से पुलिस को 228 लोगों के बैंक लोन कागजात और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए है। पकड़े गए आरोपियों द्वारा की गई पूछताछ में अभी तक लगभग 11 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस इनके अन्य साथियों की भी तलाश करने में जुटी है, जिनकी गिरफ्तारी के बाद ओर धोखाधड़ी सामने आ सकती है। सेक्टर-58 थाना पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने में जुटी है।

ऐसे खुला फर्जीवाडा

आरोपियों ने गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित सहकारी बैंक में लोन की रकम ट्रांसफर करवाई थी। जब वहां आए दिन लोग पैसा निकालने पहुंचने लगे तो वहां के बैंक के कर्मचारी नरेश कुमार को शक हुआ। नरेश कुमार ने जांच की तो पता चला कि कुछ मामला गलत है। उन्होंने इसकी सूचना एचडीबी फाइनेंशियर लिमिटेड के रीजनल रिस्क कांटेक्ट मैनेजर बलवंत सिंह राठौर को दी। जब उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि बैंक के ही ब्रांच मैनेजर से लेकर सेल्स मैनेजर तक कई कर्मचारियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी कर रहे थे।

सरकारी कर्मचारियों के नाम पर बनाते थे फर्जी कागजात

पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों के कुछ साथी ग्राहक के खुद फर्जी कागजात तैयार करते थे और उनके आधार पर दूसरे बैंक में भी उनका खाता खुलवा देते थे। इसके बाद यह सभी उन फर्जी कागजातों का सत्यापन कर अपने बैंक से लोन अप्रूवड कराते थे। पुलिस ने बताया कि ये लोग सरकारी कर्मचारियों से बातचीत कर उनके कागजात व अकाउंट नंबर हासिल करते थे और उन कागजातों के आधार पर दूसरे लोगों के फोटो आदि लगाकर लोन निकलवाते थे। लोन की यह रकम सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट में ट्रांसफर की जाती थी। जिसके बाद ये लोग अपना कमिशन लेते थे।

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  • Web Title:Three arrested including bank manager for making fake loan