जेपी एसोसिएट्स के खरीदारों को फ्लैट मिलने की उम्मीद
- यीडा आवासीय परियोजना का प्लान बनाकर सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करेगा ग्रेटर

- यीडा आवासीय परियोजना का प्लान बनाकर सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करेगा ग्रेटर नोएडा, वरिष्ठ संवाददाता। जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के सात हजार से अधिक खरीदारों को फ्लैट मिलने की आस जगी है। यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) परियोजना में आवासीय क्षेत्र की योजना बनाकर अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगा। अधिकारी ने बताया कि दो दिन पूर्व लखनऊ में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में जेपी स्पोर्ट्स सिटी मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर गठित समिति की पहली बैठक का आयोजन किया गया। प्राधिकरण ने बैठक में जेपी एसोसिएट्स की रुकी परियोजनाओं को पूरी करने के लिए करी एंड ब्राउन कंपनी से कराई गई स्टडी को प्रस्तुत किया।
यह स्टडी काफी समय पहले पूरी हो चुकी है, जिसे अधिकारियों के समक्ष रखा गया। बैठक में अधिकारियों के समक्ष परियोजना की वर्तमान स्थिति, खाली और बेचे फ्लैटों का विवरण, विभिन्न बैंकों का करीब 20 हजार करोड़ से अधिक रुपये बकाया समेत अन्य बिंदुओं और चुनौतियों पर मंथन हुआ। इस दौरान 19 मई 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट उस आदेश पर भी गौर किया गया, जिसमें कोर्ट ने साफ किया है कि प्राधिकरण चाहे तो परियोजना को पूरी करने के लिए अपनी योजना बना सकता है, लेकिन कोर्ट की अनुमति के बाद ही कार्य हो सकेगा। ऐसे में उच्च अधिकारियों ने मंथन के बाद यीडा को परियोजना की आवासीय क्षेत्र का प्लान बनाने के आदेश दिए। यह प्लान हाईकोर्ट के आदेश अनुसार तैयार होगा, जिसे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्राधिकरण ने प्लान बनाने की तैयारी कर ली है। --- एक हजार हेक्टेयर के भूखंड का आवंटन निरस्त हुआ था वर्ष 2009-10 में जेएएल की सहायक कंपनी जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स को स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने के लिए विशेष विकास क्षेत्र (एसडीजेड) योजना के तहत 1000 हेक्टेयर भूमि आवंटित हुई थी। परियोजना में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट शामिल है, जिसमें वर्ष 2023 में मोटो जीपी बाइक रेस हुई थी। इसके साथ ही सात हजार से अधिक फ्लैट खरीदारों से जुड़ी 10 आवासीय परियोजनाएं भी हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में यमुना प्राधिकरण के बकाया भुगतान नहीं करने के कारण जमीन आवंटन रद्द करने के निर्णय को सही माना था। न्यायालय ने प्राधिकरण को खरीदारों के फ्लैट तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। जेपी की 10 परियोजनाओं के सात हजार से अधिक खरीदारों में से करीब 1800 खरीदार बिल्डर से पूर्व में ही अपनी रकम वापस ले चुके हैं। साथ ही, बिल्डर ने भी शेष खरीदारों से अधिकतम 95 प्रतिशत रकम वसूल कर ली है। --- बिल्डर ने इन खेल सुविधाओं का दावा किया था बिल्डर को यह भूखंड एसडीजेड के तहत आवंटित किया गया था, इनमें विभिन्न प्रकार की स्पोर्ट्स गतिविधि भी विकसित की जानी थीं। इनमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, स्पोर्ट एकेडमी, हेल्थ सेंटर, हॉकी स्टेडियम, फुटबॉल ग्राउंड, टेनिस कोर्ट, मल्टी स्पोर्ट स्टेडियम, बासकेट बॉल कोर्ट, बॉक्सिंग, रेसलिंग, आर्चेरी इत्यादि खेलकूद की गतिविधियों भी शामिल हैं। फिलहाल कुछ भी नहीं बन सका है। यीडा ने इन गतिविधियों के लिए ओलंपिक संघ और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से संपर्क कर खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की योजना बनाई है। हालांकि, पहले आवासीय क्षेत्र के प्लान पर ही काम होगा। जेपी एसोसिएट्स की परियोजना में आवासीय क्षेत्र का प्लान तैयार किया जाएगा। इसे तैयार कर आदेश अनुसार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखा जाएगा। कोर्ट की अनुमति के बाद ही प्लान पर कोई कार्य हो सकेगा। - आरके सिंह, सीईओ, यमुना विकास प्राधिकरण

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