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लॉकडाउन के झटके से उबर सकेंगे छोटे उद्योग

फ्लैग : एमएसएमई के आठ हजार इकाईयों को मिलेगा बढ़ावा, उद्योगों को बढ़ावा...

लॉकडाउन के झटके से उबर सकेंगे छोटे उद्योग
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,नोएडाMon, 01 Feb 2021 08:40 PM
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नोएडा। कार्यालय संवाददाता :

कोरोना सक्रंमण के कारण पूरे भारत में लॉकडाउन लगाया गया था। इस दौरान उद्योगों को भारी संकट का सामना करना पड़ा था। गौतमबुद्ध नगर में ही 300 से अधिक छोटे उद्योग बंद हो गए और जो बचे वह भी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। बजट में सूक्ष्म, लघु, मझोले उद्योग (एमएसएमई) के लिए घोषित फंड से इन सभी छोटे उद्योगों को दोबारा खड़ा होने का मौका मिला है।

एमएसएमई के लिए घोषित की गई 15 हजार 700 करोड़ के फंड की घोषणा से शहर के उद्यमी उत्साहित हैं। शहर के आठ हजार से अधिक उद्यमियों को कारोबार में तेजी आने की उम्मीद जगी है। उद्यमी सरकार के बजट की प्रशंसा भी खूब कर रहे हैं।

शहर में आठ हजार से अधिक एमएसएमई की इंडस्ट्री है। इन इंडस्ट्री में चार लाख से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से एमएसएमई सेक्टर से जुड़े उद्यमियों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे श्रमिकों की भी छंटनी शुरू करनी पड़ गई थी। ऐसे में एमएसएमई के उद्यमी सरकार से राहत की उम्मीद लगा रहे थे। उद्यमियों की उम्मीद के अनुसार ही सरकार ने एमएसएमई के लिए भारी-भरकम राशि की घोषणा करके उद्यमियों के लिए संजीवनी का काम किया है। अब उद्यमी योजना को जमीनी स्तर पर सामांतर लाभ मिलने की भी आस लगा रहे हैं।

सरकार ने सुलझा हुआ बजट पेश किया है। इस बजट से सूक्ष्य, लघु और मझोले कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के उद्योगों में तेजी आएगी। इस बजट से उद्यमियों को काफी राहत महसूस हुई है।

विपिन मल्हन, अध्यक्ष,एनईए

उद्योगों को फिर से गति मिलेगी

काफी समय से शहर के उद्यमी राहत पैकेज की मांग कर रहे थे। ताकि उद्योगों को फिर से गति दी जा सके। बजट में सभी औद्योगिक वर्गों को ध्यान में रखा गया है। यह बजट उद्यमियों के लिए बहुत अच्छा है।

सुरेंद्र नाहटा, अध्यक्ष, एमएसएमई एसोसिएशन

रोजगार के अवसर खुलेंगे

एमएसएमई सेक्टर में ही सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार दिया हुआ है। बजट में फंड मिलने से अब एमएसएमई सेक्टर में गति आने से ही रोजगार के अवसर भी खुलने शुरू हो जाएंगे। ऐसे में बेरोजगारी पर भी लगाम लग सकेगी।

सुधीर श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष व मीडिया प्रवक्ता, एनईए

बंद फैक्ट्रियां की पुन: शुरू होंगी

हर देश की अर्थव्यवस्था उस देश की एमएसएमई सेक्टर पर ही निर्भर रहती है। लॉकडाउन से एमएसएमई को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। आर्थिक पैकेज की घोषणा होने से इस सेक्टर के कारोबार में तेजी आएगी। बंद फैक्ट्रियां की पुन: शुरू होने की उम्मीद भी जगी है।

राजीव बंसल, राष्ट्रीय सचिव, आईआईए

बैंकों में निवेश से लाभ

सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों में 22 हजार करोड़ के प्रत्यक्ष पूंजी निवेश से भी उद्योगों को काफी राहत मिलेगी। इससे उद्योगों को परोक्ष लाभ मिलेगा और महामारी की मंदी में उभरने में भी सहायता मिलेगी। इससे लोन मिलने भी आसानी रहेगी।

वीके सेठ,महासचिव, एनईए

नियमों में बदलाव से राहत

कंपनी अधिनियम और एलएलपी अधिनियम में हुई देरी व त्रुटियों के लिए पूर्व में घोषित आपराधिक प्रावधानों को साधाराण प्रावधानों में परिवर्तित से भी उद्यमियों को राहत मिली है। इसमें किसी उद्यमी द्वारा भूलवश, त्रुटि के लिए आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी।

दलजीत सिंह,उद्यमी

शोध के लिए पैकेज दिया

सरकार ने अनुसंधान और नई तकनीकी को प्रोत्साहन करने के लिए भी 50 हजार करोड़ रुपये के फंड की व्यवस्था की है। इससे उत्पादन कार्य में नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा नई-नई तकनीक विकसित करने के लिए शोध होंगे।

मोहन सिंह, उद्यमी

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