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हर गांव के विकास के लिए अलग योजना बनेगी

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले गांवों की हालत सुधारी जाएगी। इनका नियोजित विकास होगा। हर गांव के लिए अलग योजना बनाई जाएगी। इसके लिए प्राधिकरण ने फंड का भी निर्धारण कर लिया है। नवंबर तक गांवों की योजना को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके बाद काम शुरू होगा।प्राधिकरण के अधीन आने वाले गांवों में पंचायत चुनाव को लेकर शासन ने मंडलायुक्त से रिपोर्ट मांगी थी। इस पर शासन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। इसमें बताया गया है कि गांवों का विकास प्राधिकरण कराएगा। यमुना प्राधिकरण अपने अधीन आने वाले 80 गांवों का विकास करेगा। हर गांव के लिए अलग योजना होगी ताकि गांव का समुचित विकास हो सके। पिछली बोर्ड बैठक में प्राधिकरण ने प्रस्ताव भी पास कर लिया है। इसके लिए 60 करोड़ रुपये का फंड निर्धारित किया गया है। इस योजना को स्मार्ट विलेज का नाम दिया गया है। नाली, सड़क के साथ विरासत भी बचाएंगे गांवों में नाली, सड़क ठीक कराने के साथ ही विरासत को भी बचाया जाएगा। गांव के विकास की योजना बनाते समय इस बात पर ध्यान रखा जाएगा कि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि अगर किसी गांव के लोकगीत प्रसिद्ध हैं तो उनको संजोया जाएगा। गांव की संस्कृति को बचाया जाएगा।

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  • Web Title:Separate plan for every village development