Noida News: रखरखाव शुल्क बढ़ाने के विरोध में प्रदर्शन
Noida News: नोएडा के प्रतीक लॉरेल अपार्टमेंट में लोगों ने रखरखाव शुल्क बढ़ाने का विरोध किया। आरोप है कि एओए ने नियमों की अनदेखी कर शुल्क बढ़ा दिया है। जैन ने कहा कि पहले जीबीएम बुलाने का नियम था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। निवासियों ने मनमाने फैसले को लौटाने की मांग की है।

Noida News: नोएडा, उदय सिंह। सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लॉरेल अपार्टमेंट में लोगों ने सोसाइटी का रखरखाव शुल्क बढ़ाने का विरोध किया। लोगों का आरोप है कि एओए ने नियमों की अनदेखी कर रखरखाव शुल्क बढ़ा दिया है। प्रतीक लॉरेल सोसाइटी में 1500 फ्लैट बने हुए हैं। सोसाइटी 20 लाख वर्ग फीट में फैली हुई है। सोसाइटी के एओए के पूर्व सचिव उदय कुमार जैन समेत अन्य लोगों ने बताया कि एओए ने बिना जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) बुलाए रखरखाव शुल्क 40 पैसे प्रति वर्ग फीट बढ़ा दिया। पिछले साल अगस्त 2025 में 30 पैसे प्रति वर्ग फीट रखरखाव शुल्क बढ़ाया गया था। इस बार नियमों का उल्लंघन करके एक सितंबर 2026 से शुल्क बढ़ा दिया। इसका सोसाइटी के लोग विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के पार्क में लोगों ने एकत्रित होकर विरोध दर्ज कराया।
रखरखाव शुल्क में वृद्धि
उदय कुमार ने बताया कि 31 अगस्त तक 2.50 रुपये प्रति वर्ग फीट शुल्क लिया जा रहा था। एकाएक एक सितंबर से 2.90 रुपये प्रति वर्ग फीट शुल्क कर दिया गया। नियमों के अनुसार कोई भी शुल्क बढ़ाने या घटना के लिए पहले प्रस्ताव लाया जाता है। जीबीएम बुलाकर उसमें प्रस्ताव रखा जाता है, लेकिन किसी तरह के नियमों का पालन नहीं किया। एओए ने बिजली का प्रति यूनिट शुल्क 7 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 6.30 रुपये प्रति यूनिट कर दिया।
निवासियों की मांग
उदय जैन, मनीश जैन और वेद प्रकाश ने बताया कि एओए यह गलत तर्क दे रही है कि जीएसटी कम्प्लायंस के लिए कॉमन एरिया बिजली शुल्क को अलग से बढ़ाने की आवश्यकता है। सच्चाई यह है कि पिछले 12 वर्षों से यह खर्च नियमित रखरखाव शुल्क में से ही जमा किया जाता रहा है। वर्तमान में रखरखाव शुल्क को बढ़ाने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। निवासियों की यह स्पष्ट मांग है कि बिना नियमानुसार जीबीएम और आम सहमति के लिए गए इस मनमाने फैसले को तुरंत वापस लिया जाए।
एओए का पक्ष
सोसाइटी के एओए अध्यक्ष प्रवेश नैनी ने बताया कि सोसाइटी में रखरखाव शुल्क नहीं बढ़ाया गया है। सोसाइटी में कॉमन एरिया का बिजली शुल्क बढ़ाया गया। इसमें 40 पैसे प्रति वर्ग फीट की वृद्धि की गई है। वहीं, सोसाइटी में प्रति यूनिट शुल्क में 70 पैसे की कटौती की गई है।


