सावधान : शहर में इन रास्तों पर जानलेवा गड्ढे
नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की डूबकर मौत के बाद अब सेक्टर-94 में एक छात्र की भी डूबने से मौत हो गई। खाली भूखंडों में गहरे गड्ढे और पानी जमा होने की समस्या बढ़ रही है, जिससे हादसों की संभावना बनी हुई है। प्राधिकरण की लापरवाही से नागरिकों की जान को खतरा है।

नोएडा, उदय सिंह। नोएडा के सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी के एक खाली भूखंड में इसी साल जनवरी में इंजीनियर युवराज मेहता की डूबकर मौत हो गई थी। अब बीते बुधवार को सेक्टर-94 स्थित एक भूखंड के गड्ढे में पानी जमा में निजी विश्वविद्यालय के एक छात्र की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद प्राधिकरण और संबंधित विभाग के अधिकारियों की नाकामी और दावों की हकीकत सामने आ गई। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास ही सेक्टर-94 है। इस सेक्टर में खाली भूखंडों में गहरे गड्ढे हो रखे हैं। इतना ही नहीं, इनमें से कुछ में पानी भरा हुआ है और कुछ में बड़ी-बड़ी झाड़ियों उगी हुई है।
वहीं, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड और शहर की मुख्य सड़कों के किनारे कई जगह गड्ढे हैं, जहां कभी भी हादसा हो सकता है। दो-दो हादसों से सबक न लेते हुए अब प्राधिकरण के अधिकारियों को तीसरे हादसे का इंतजार है। बारिश का सीजन शुरू होने के बाद इन खाली गड्ढों में पानी जमा हो जाएगा। इससे यहां भी हादसों की संभावना बढ़ जाएगी।हाजीपुर अंडरपास के पास भी गड्ढानोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के पास सेक्टर-105 हाजीपुर अंडरपास है। अंडरपास के कोने पर बहुमंजिला इमारत बन रही है। इमारत के पास ही प्राधिकरण की भूमि पर गहरा गड्ढा बना हुआ है। इसमें झाड़ियां और कटीले पौधे उगे हुए हैं। यहां से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं।ग्रीन बेल्ट की खाली जमीन पर पानी भराएक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर झट्टा गांव के सामने काफी बड़े हिस्से में ग्रीन बेल्ट की खाली जमीन पर पानी भरा हुआ है। यहां न तो कोई बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई दीवार है। कोई रिफ्लेक्टर भी नहीं लगे हैं। इस सर्विस रोड से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। सेक्टर-150 और सेक्टर-94 की तरह यहां भी हादसा हो सकता है।चरखा गोल चक्कर: यहां भी यही स्थितिसेक्टर-44 महामाया फ्लाईओवर के पास सेक्टर-94 की तरफ चरखा गोल चक्कर है। यहां भी खाली भूखंड में गहरा गड्ढा है। गड्ढे में बारिश के दिनों में पानी जमा हो जाता है। यहां लोग आसानी से आ-जा भी सकते है। इसका भी प्राधिकरण ने अब तक संज्ञान नहीं लिया है।सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन: मोड़ पर ही बड़ा खतरासेक्टर-32 सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-25ए एडोब चौराहे की ओर मुड़ते ही गहरा गड्ढा हो रखा है। हालांकि, यहां पर पानी नहीं भरा हुआ है। इस भूखंड को लेकर वेब ग्रुप और नोएडा प्राधिकरण के बीच विवाद चल रहा है।सेक्टर-25ए: अब तक बेरिकेडिंग नहीं की गईएमपी टू एलिवेटेड रोड के नीचे सेक्टर-25ए के सामने सर्विस रोड के बराबर में काफी बड़े हिस्से में नाला खुला हुआ है। यहां भी कोई बेरिकेडिंग नहीं हो रखी है। करीब ढाई महीने पहले इस नाले में एक कार गिर गई थी। कुछ दोपहिया वाहन चालक भी गिर चुके हैं।भंगेल एलिवेटेड रोड: पिलर के सामने खुला नालाभंगेल एलिवेटेड रोड के पिलर नंबर-124 के सामने बड़ा नाला खुला हुआ है। इस रास्ते से काफी वाहन आते-जाते हैं। यह एलिवेटेड रोड कुछ महीनों पहले ही वाहनों के लिए खोला गया है। सेक्टर-49 बरौला से सीधे फेज टू की ओर आने-जाने वाली सड़क भी नहीं बनी ही है। नाले के बराबर से लोग जोखिम में जान डालकर वाहन निकालते हैं। इसी एलिवेटेड रोड के नीचे पुलिया का कुछ हिस्सा भी खुला हुआ है। यहां कई बार बच्चे गिरकर घायल हो चुके हैं।
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