गीले कूड़े के निस्तारण के लिए 300 टन क्षमता का प्लांट लगेगा
नोएडा में गीले कूड़े के निस्तारण के लिए 300 टन क्षमता का प्लांट लगाया जाएगा, जिससे बायोगैस बनेगी। इस पर 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्राधिकरण ने 600 टन कूड़े के निपटारे का अनुबंध किया है। यह प्लांट अस्तौली में लगाया जाएगा और इसमें गीले तथा सूखे कूड़े का निवारण होगा।

नोएडा, विक्रम शर्मा। गीले कूड़े के निस्तारण के लिए शहर में 300 टन क्षमता का प्लांट लगाया जाएगा। यह प्लांट आईजीएल लगाएगी। कूड़े के निस्तारण से बायोगैस बनेगी। इसके लिए प्राधिकरण के सीईओ ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस प्लांट को लगाने में करीब 250 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि कूड़े के निस्तारण से बनने वाली बायोगैस का शहर में ही प्रयोग किया जाएगा। ये प्लांट अस्तौली में लगाया जाएगा। नोएडा में वर्तमान में 1000 टन कूडा निकल रहा है। भविष्य में 1200 से लेकर 1500 टन कूड़ा होगा। प्राधिकरण का एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड से कुल 600 टन कूड़े के निपटारे का अनुबंध हो रखा है।
प्लांट लागने का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा डिसेंट्रलाइजड इंटीग्रेटड म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट 40 टन के 6 यानी 240 टन के लगाए जा रहे है। अब प्राधिकरण प्राधिकरण 300 टन का एक नया इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और लगाने जा रहा है। जिसकी क्षमता को बढ़ाकर 500 टन की जा सकती है। यहां एक ही स्थान पर गीले और सूखे कूड़े का निवारण हो जाएगा। इसे अस्तौली में 16.66 एकड़ में लगाया जाएगा। इससे शहर में निकलने वाले कचरे से बायोगैस बनाई जाएगी। जिसका प्रयोग शहर में ही किया जाएगा। प्राधिकरण ने बताया कि शहर से कचरा उठाकर प्लांट तक लाने की जिम्मेदारी भी कंपनी की होगी। जिससे प्राधिकरण का परिवहन शुल्क बचेगा। प्राधिकरण कंपनी को जमीन उपलब्ध करवा रहा है। जिससे अधिक मात्रा में कूड़े का निस्तारण किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-145 में पड़े हुए 7 लाख टन कूड़े के निस्तारण के लिए कंपनी का चयन कर लिया गया है। जल्द ही यहां पर भी कूड़े का निस्तारण शुरू होगा।
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