
आफत : वायु प्रदूषण बढ़ने से गैस चैंबर बना नोएडा
नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 466 दर्ज किया गया, जिससे यह देश का सबसे प्रदूषित शहर बना। दो दिनों से हवा दमघोंटू बनी हुई है और छह मरीजों को सांस की बीमारी के कारण आईसीयू में भर्ती किया गया है। प्रदूषण के कारण ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई भी गंभीर श्रेणी में है।
देश का सबसे प्रदूषित शहर भी रहा, दो दिनों से हवा दमघोंटू बनी, सांस के छह मरीज आईसीयू में भर्ती नोएडा, प्रमुख संवाददाता। वायु प्रदूषण बढ़ने से सांसों का संकट बढ़ गया है। लगातार दूसरे दिन रविवार को नोएडा गैस चैंबर बना रहा । शहर का एक्यूआई 466 दर्ज किया गया। साथ ही नोएडा देश का सबसे वायु प्रदूषित शहर भी रहा। दूसरी ओर, जिला अस्पताल में सांस की बीमारी बढ़ने पर छह मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। नोएडा की हवा दो दिनों से हवा दमघोंटू बनी हुई है। एक दिन पहले नोएडा का एक्यूआई 455 था। रविवार को एक्यूआई में 11 अंकों की बढ़ोतरी हुई।

पिछले चार सालों में शहर का एक्यूआई सबसे अधिक दर्ज किया गया। इससे पहले 12 नवंबर 2021 को यहां का एक्यूआई 488 रहा था। ग्रेटर नोएडा की हवा भी गंभीर श्रेणी में रही। एक्यूआई 435 दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले के मुकाबले 7 अंक कम है। सुबह से दृश्यता 200-300 मीटर रही। दोपहर में भी वायु प्रदूषण कम नहीं हुआ। वायु प्रदूषण के कारण खिली धूप भी नहीं निकली। शाम होते ही वायु प्रदूषण बढ़ा। हवा की गति कम होने और कोहरे के साथ प्रदूषित धूलकण मिलने से वायु प्रदूषित कण आसमान में ज्यादा दूर तक नहीं जा सके। सोमवार को हवा की गति 10 किलोमीटर प्रतिघंटे रहने की संभावना है, जिससे वायु प्रदूषण में थोड़ी कमी आ सकती है। दो मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिला अस्पताल में शनिवार और रविवार को छह मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। सांस रोग से पीड़ित इन मरीजों की उम्र 40 से 60 साल के बीच है। इनमें से दो मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखना पड़ा। वहीं आपातकालीन विभाग में पिछले दो दिनों में सांस की बीमारियों से पीड़ित 16 मरीज इलाज के लिए आए। शहर के चार बड़े निजी अस्पतालों में 25 से अधिक सांस रोगियों को आईसीयू में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल आईसीयू वार्ड के प्रभारी डॉ. असद ने बताया कि सभी मरीज गंभीर स्थिति में अस्पताल लाए गए थे। इन सांस रोगियों की परेशानी बढ़ने के बाद लाया यहां लाया गया था। अब सभी की हालत पहले से बेहतर है। देश में सबसे वायु प्रदूषित शहरों का एक्यूआई नोएडा : 466, बहादुरगढ़ : 464, दिल्ली : 461, गाजियाबाद : 459, ग्रेटर नोएडा : 435, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पांच दिनों का एक्यूआई दिसंबर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, 14, 466, 435, 13, 455, 442, 12, 386, 373, 11, 322, 301, 10, 256, 224, रात 10 से 12 बजे सबसे अधिक प्रदूषण रात के 10 से 12 बजे के बीच नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सबसे अधिक वायु प्रदूषण दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क फाइव में शनिवार रात 10 से 12 बजे के बीच में पीएम 10 का स्तर 950 तक पहुंच गया। वहीं पीएम 2.5 का स्तर 522 रहा। नोएडा के सेक्टर-116 में एक बजे रात को पीएम 10 का स्तर 837 तक पहुंच गया। पीएम 2.5 का स्तर 640 रहा। सेक्टर एक में भी पीएम 10 का अधिकतम स्तर 722 रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो करोड़ का जुर्माना ठोका प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रेप चार की पाबंदियों का उल्लंघन पर चार दो सेक्टरों के चार स्थानों पर दो करोड़ एक लाख का जुर्माना किया। सेक्टर-132 में ओरियन वन और ट्रियून ल्यूमिया ग्लोबल सोल्यूशन कंपनी पर एक-एक करोड़ का जुर्माना किया। वहीं सेक्टर-127 में वैशाली फाइनांशियल सर्विसेज और सेक्टर-132 में नोएडा इंफो सर्विसेज 50 हजार-50 हजार का जुर्माना ठोका। इन स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा था। भवन सामग्री खुले में थे। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के छह स्थानों का एक्यूआई सेक्टर - 125 : 454, सेक्टर- 62 : 426, सेक्टर- एक : 491, सेक्टर-116 : 491, नॉलेज पार्क फाइव : 458, नॉलेज पार्क थ्री : 412,

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