अभ्यर्थी जीएस-रीजनिंग के प्रश्नों में उलझे
नोएडा में आरक्षी नागरिक एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा की शुरुआत हो गई है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहले दिन अभ्यर्थियों ने सामान्य अध्ययन और तर्कशक्ति के सवालों को चुनौतीपूर्ण बताया, जबकि हिंदी और गणित में राहत मिली। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

नोएडा, गौरव भारद्वाज। जिले में आरक्षी नागरिक एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। यह परीक्षा 9 और 10 जून को भी आयोजित की जाएगी। पहले दिन की दूसरी पाली में 31.66 फीसदी और दूसरी पाली में 29.69 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्र से बाहर आए अभ्यर्थियों के मुताबिक, सामान्य अध्ययन (जनरल स्टडीज) और तर्कशक्ति (रीजनिंग) के कुछ सवाल थोड़े से घुमावदार और परेशान करने वाले थे। इन सवालों को हल करने में उम्मीदवारों को उम्मीद से थोड़ा ज्यादा वक्त गंवाना पड़ा। हालांकि, हिंदी और गणित के हिस्से ने उम्मीदवारों को काफी राहत दी और उनका स्कोरिंग बैलेंस बनाए रखा। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित है। जिले में कुल 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां छह पालियों में कुल 42,048 परीक्षार्थी शामिल होंगे। पहले दिन की पहली पाली में 7,008 में से 4,789 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 2,219 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 7,008 में से 4,927 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 2,081 अनुपस्थित रहे.
परीक्षा की निगरानी
परीक्षा की निगरानी के लिए 20 केंद्र व्यवस्थापक, 20 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 20 स्टैटिक मजिस्ट्रेट सहित लगभग एक हजार से अधिक कार्मिकों को तैनात किया गया है। अभ्यर्थियों की तीन स्तरों पर गहन चेकिंग की जा रही है। इस प्रक्रिया में उनके जूते-मोजे, बालों में लगे क्लेचर और कान की बालियां भी उतरवाई जा रही हैं। पुलिस विभाग को कोचिंग सेंटर संचालकों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा निगम के अधिकारियों को 8, 9 और 10 जून को किसी भी प्रकार का अनावश्यक शटडाउन न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा संचालन में कोई व्यवधान न हो। जिला प्रशासन इस परीक्षा को संवेदनशीलता के साथ शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस और जिला प्रशासन आपसी समन्वय से मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने में जुटा है.
सघन तलाशी के बाद मिला प्रवेश
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई। प्रवेश पत्र, आधार कार्ड तथा काला या नीला डॉट पेन के अलावा किसी भी वस्तु को केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की जा रही है। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर तो दूर, उम्मीदवारों की साधारण घड़ियां और स्मार्टवॉच भी बाहर ही उतरवा ली गईं। महिला अभ्यर्थियों के आभूषण और धातु की अन्य चीजें भी सुरक्षा कारणों से बाहर रखने को कहा गया है। इस फुलप्रूफ सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही उम्मीदवारों को सीट तक पहुंचने दिया जा रहा है.
अधिकारियों ने केंद्रों का किया निरीक्षण
परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी रूप से सकुशल संपन्न कराए जाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को लगाया गया था। जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने भी निरीक्षण किया। कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति देखी एवं ड्यूटीरत अधिकारी/कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए.
बसों में किराए की छूट से मिली राहत
योगी सरकार की तरफ से परीक्षार्थियों को दी गई एक खास सुविधा की युवाओं के बीच जमकर तारीफ हो रही है। सरकार ने परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज बसों के किराए में 50 फीसदी की बड़ी छूट का ऐलान किया था। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए दूर-दराज के इलाकों से आए गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के उम्मीदवारों के लिए यह फैसला किसी बड़ी आर्थिक राहत से कम नहीं रहा, जिसका सबने दिल से स्वागत किया। जिले में बने परीक्षा केंद्रों पर आए अभ्यर्थियों ने इस आदेश की सराहना की.
केंद्र के बाहर गर्मी में खड़े रहे अभिभावक
परीक्षा देने के लिए अभ्यर्थी केंद्रों के बाहर समय से पहले ही पहुंच गए थे। निर्धारित समय पर अभ्यर्थियों को केंद्र पर प्रवेश मिला। इस दौरान अभ्यर्थियों के अभिभावक केंद्र से कुछ दूरी पर खड़े होकर परीक्षा समाप्त होने का इंतजार करते रहे। कुछ अभिभावक कार में एसी ऑन करके बैठे रहे तो कुछ अभिभावक धूप से बचने के लिए पेड़ की छांव तलाशते नजर आए। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्र के आसपास कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई.
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता, जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से संबंधित प्रश्न सीधे और पाठ्यक्रम आधारित थे, जिन्हें हल करने में अधिक समय नहीं लगा।
अरविंद कुमार, अभ्यर्थी
रीजनिंग खंड में भी तार्किक विश्लेषण और जटिल प्रश्नों ने परेशान किया। पैसेज आधारित प्रश्नों को हल करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। गणित के प्रश्न कठिन और घुमावदार थे।
श्वेता मिश्रा, अभ्यर्थी
हिंदी और सामान्य ज्ञान के प्रश्न सरल थे। कौन सा प्लेट फार्म मुख्य रूप से पेशेवर नेटवर्किंग के लिए उपयोग किया जाता है। प्रहार रणनीति का भारत में मुख्य उद्देश्य क्या सुनिश्चित करता है। जैसे प्रश्न बौद्धिक क्षमता के लिए चुनौती बने रहे।
प्रियंका शुक्ला, अभ्यर्थी
पेड़ से क्या क्या मिलता है। यह भी प्रश्न आया कि पौधारोपण क्यों जरूरी है। ये प्रश्न काफी राहत देने वाले थे। इसके विपरीत गणित के कई प्रश्न घुमावदार और समय लेने वाले थे।
दयाशंकर सिंह, अभ्यर्थी
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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