समुद्री जहाज में नौकरी के नाम पर ठगने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश
सेक्टर-132 थाना क्षेत्र से गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार सैंकड़ों लोगों से एक ना क्षेत्र से गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार सैंकड़ों लोगों से एक

सेक्टर-132 थाना क्षेत्र से गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार सैंकड़ों लोगों से एक करोड़ से अधिक की ठगी कर चुके नोएडा,वरिष्ठ संवाददाता। क्रू-शिप (समुद्री जहाज) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे कॉल सेंटर का पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश किया। गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सैकड़ों लोगों से एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल, कॉलिंग डेटा और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर-132 क्षेत्र में कॉल सेंटर चलाकर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूले जा रहे।
साइबर क्राइम और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर सी हायर मरीन सर्विसेज नाम से चल रही फर्जी कंपनी का भंडाफोड़ किया। मौके से जालौन निवासी राहुल, अलीगढ़ निवासी प्रशांत, गौतमबुद्ध नगर निवासी विशाल शर्मा और कानपुर नगर निवासी सैफ वारिश को गिरफ्तार किया गया। राहुल गिरोह का सरगना है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से ठगी कर रहे थे और देश के कई राज्यों के लोगों को निशाना बना चुके हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी इंटरनेट और कॉलिंग के जरिए नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा जुटाते थे। इसके बाद उन्हें फोन कर विदेश में क्रू-शिप में नौकरी दिलाने का लालच देते थे। आकर्षक वेतन और विदेश में काम करने का सपना दिखाकर उनसे रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग और अन्य खर्चों के नाम पर एक लाख से लेकर एक लाख बीस हजार रुपये तक वसूलते थे। रकम मिलने के बाद आरोपी या तो फोन उठाना बंद कर देते थे या फिर नई फीस की मांग करने लगते थे। केरल सहित कई राज्यों में शिकायत बरामद बैंक पासबुक और खातों की जांच में पता चला कि केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में इनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इन खातों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। बेरोजगार युवकों का डाटा आरोपियों को कहां से मिलता था, इसका पता लगाया जा रहा है। चार नियुक्ति पत्र सहित कई बैंक के दस्तावेज मिले छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, कॉलिंग डेटा की 26 शीट, 21 रजिस्टर, चार फर्जी नियुक्ति पत्र और कई बैंक दस्तावेज मिले। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल लोगों को भरोसा दिलाने और ठगी को असली दिखाने के लिए किया जाता था। इमारत का 50 हजार प्रतिमाह किराया देते थे जिस बिल्डिंग में कॉल सेंटर संचालित हो रहा था, उसे गिरोह के सरगना ने 50 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर लिया था। बीते एक साल से यहां कॉल सेंटर संचालित हो रहा था। साइबर क्राइम थाने में आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और संभावना है कि जांच के दौरान और भी अहम जानकारी सामने आएगी।
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