यात्रियों को कार में लिफ्ट देकर लूटने वाले गिरोह के पांच बदमाश गिरफ्तार
नोएडा, रवि प्रकाश सिंह रैकवार। एनसीआर क्षेत्र में घूमकर रात को वारदात करते थे, पीड़ितों को अवैध हथियार दिखाकर धमकाते

नोएडा, रवि प्रकाश सिंह रैकवार। सेक्टर-39 थाने की पुलिस ने यात्रियों को कार में लिफ्ट देकर लूटने वाले गिरोह के सरगना समेत पांच बदमाशों को स्टेलर ग्रीन पार्क के पास से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पीड़ितों से मारपीट कर यूपीआई के जरिए रकम भी ट्रांसफर करा लेते थे। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल होने वाली कार, तमंचा और चाकू बरामद हुआ। पुलिस को लगातार ऐसी घटनाओं की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद थाना सेक्टर-39 पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान नसीम अली, अभिषेक कुमार, विवेक, कार्तिक ठाकुर और मनोज कुमार के रूप में हुई। नसीम अली मूलरूप से एटा जिले का रहने वाला है और फिलहाल हल्दौनी में किराये पर रहता है। अभिषेक कुमार बिहार के नालंदा जिले का निवासी है और छिजारसी इलाके में रह रहा था। विवेक समस्तीपुर बिहार का रहने वाला है, जबकि कार्तिक ठाकुर और मनोज कुमार नोएडा के छिजारसी क्षेत्र में रह रहे थे। आरोपियों की उम्र 18 से 23 वर्ष के बीच बताई गई है।
गिरोह का तरीका
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एनसीआर क्षेत्र में घूमकर ऐसे लोगों को निशाना बनाते, जिन्हें रात के समय वाहन की जरूरत होती। आरोपी अपनी कार में लोगों को लिफ्ट देकर बैठा लेते। कुछ दूर ले जाने के बाद वे यात्रियों को अवैध हथियार दिखाकर डराते-धमकाते और उनसे मोबाइल फोन के जरिए यूपीआई ट्रांसफर करा लेते। कई मामलों में पीड़ितों से एटीएम कार्ड लेकर रुपये भी निकलवाए जाते। विरोध करने पर आरोपियों द्वारा मारपीट भी की जाती। पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी पीड़ितों को सुनसान इलाके में छोड़कर फरार हो जाते। आरोपियों ने कई लोगों को इसी तरीके से अपना शिकार बनाया।
आरोपियों के खिलाफ पहले से केस दर्ज
एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मुख्य आरोपी नसीम अली पर आर्म्स ऐक्ट समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, मनोज कुमार के खिलाफ एनडीपीएस ऐक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत भी केस दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और इनके साथ अन्य लोग भी जुड़े हैं या नहीं।
फर्जी नंबर प्लेट का प्रयोग
आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करते थे, ताकि वारदात के बाद उनकी पहचान न हो सके। कार के अंदर पुलिस को दो फर्जी नंबर प्लेट मिलीं। सभी को गिरफ्तारी के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लोगों की गाड़ियों में लिफ्ट लेने से बचें। खास तौर पर रात के समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
आरोपियों का नौकरी के लिए आना
थाना प्रभारी ने बताया कि सभी आरोपी नौकरी के लिए नोएडा आए थे। शुरू में नौकरी की, पर जितनी सैलरी मिलती थी उससे उनके शौक पूरे नहीं हो पाते थे। ऐसे में आरोपियों ने एक गिरोह बनाया और वारदात करनी शुरू की। कोई चोरी करने लगा तो कोई मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त हो गया। बाद में सभी सवारियों को लिफ्ट देकर लूटपाट करने लगे। पूछताछ में आरोपियों ने अपने कुछ अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। उनकी तलाश जारी है।
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